नई दिल्ली । एक साल पहले मुखर्जी नगर के कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद हरकत में आई सरकारी एजेंसियों ने सख्ती बरतने के दावे किए थे, लेकिन राजेंद्र नगर हादसे के बाद इनकी कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मुखर्जी नगर हादसे के बाद अगर ठीक से काम किया गया होता तो राजेंद्र नगर हादसे को रोका जा सकता था।


