नई दिल्ली। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि न्यायिक कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल या संबंधित हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की पूर्व अनुमति के बिना निकाला, प्रसारित किया, उससे आर्थिक लाभ कमाया या सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं किया जा सकता।


