नई दिल्ली । भारत में छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आलम यह है कि छात्रों की आत्महत्या की दर समग्र आत्महत्या प्रवृत्तियों की दर से तो अधिक है ही, अब यह जनसंख्या वृद्धि दर को पार कर गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के आधार पर 'छात्र आत्महत्या: भारत में फैलती महामारी' रिपोर्ट बुधवार को वार्षिक आईसी-3 सम्मेलन में जारी की गई।


