पांवटा साहिब। पांवटा साहिब की माजरा रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र बांसवाली में खैर तस्करों का दुस्साहस सामने आया है। बुधवार सुबह गश्त कर रही वन विभाग की टीम को देखकर भाग रहे तस्करों ने पिकअप वाहन से वन कर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। अचानक वाहन अपनी ओर आता देख वनकर्मियों ने किसी तरह रास्ते से हटकर जान बचाई।
इस दौरान तस्कर पिकअप और अन्य वाहनों के साथ मौके से फरार हो गए, जबकि एक बाइक और लाखों रुपये की खैर की लकड़ी वन विभाग के हाथ लगी।
वन परिक्षेत्र अधिकारी माजरा रेंज सचिन शर्मा की शिकायत पर पुलिस थाना माजरा में तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग के अनुसार सुबह करीब 3:30 बजे वन टीम बांसवाली सी-12 आरक्षित वन क्षेत्र में गश्त कर रही थी। टीम ने तीन मोटरसाइकिलों पर कुछ लोगों को खैर की लकड़ी काटकर ढुलाई करते देखा। पास में एक पिकअप वाहन भी खड़ा था। वन टीम को देखते ही तस्कर भागने लगे।
वन विभाग की टीम में शामिल वन रक्षक जोहड़ों बीट रमेश कुमार, वन रक्षक सैनवाला बीट प्रताप सिंह व चौकीदार गुरमेल सिंह आदि ने पिकअप को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय वाहन को सीधे वन टीम की तरफ दौड़ा दिया। पिकअप की चपेट में आने से वनकर्मी बाल-बाल बचे। इसी दौरान वाहन की रफ्तार कुछ कम हुई तो वन रक्षक रमेश कुमार ने पिकअप का शीशा तोड़कर चालक का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया। चालक इसके बाद पिकअप को तेज रफ्तार में भगाकर फरार हो गया। इसकी पहचान नसीम निवासी मिस्सरवाला के रूप में हुई है।
वन विभाग के डीएफओ वेद प्रकाश शर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि वन टीम को तस्करों ने कुचलने का प्रयास किया और मौके से फरार हो गए। घटनास्थल की तलाशी के दौरान खैर के तीन कटे पेड़ मिले। वन विभाग ने 36 लॉग बरामद किए, इनका बाजार मूल्य 2,91,684 रुपये आंका गया है। मौके से मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली गई। उधर, एसपी एनएस नेगी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरक्षित वन से अवैध रूप से पेड़ काटने या चोरी करने और सरकारी काम में बाधा डालने से जुडी बीएनएस की धारा 303(2), 221, 3(5) तथा भारतीय वन अधिनियम की धारा 26(1)(एफ) के तहत मामला दर्ज किया है।


