शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के टेस्ट को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेजों में जल्द फुली ऑटोमेटिक टेस्ट मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे मरीजों के विभिन्न टेस्ट 24 घंटे किए जा सकेंगे।
इसके लिए संबंधित कॉरपोरेशन ने मशीनों की खरीद और स्थापना के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। विभाग ने एक महीने के भीतर मेडिकल कॉलेजों में मशीनें स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था लागू होने से गंभीर मरीजों को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। अभी कई बार रात के समय या छुट्टी के दिन आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध न होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है। कई जांच के लिए मरीजों को निजी लैबों या अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
फुली ऑटोमेटिक मशीनें स्थापित होने के बाद मेडिकल कॉलेजों में चौबीसों घंटे जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। आधुनिक मशीनों से जांच प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक होगी। इससे डॉक्टरों को मरीजों की बीमारी का जल्द पता लगाने और समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। खासकर आपातकालीन और गंभीर मरीजों के इलाज में जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीनों की स्थापना के बाद प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की लैब सुविधाओं में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत की जा रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए मशीनें और उपकरणों की खरीद की जा रही है। प्रदेश सरकार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए प्रयासरत है।


