राष्ट्रीय। स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रतिनिधि सभा की बैठक के बाद पीएम मोदी संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलेंगे। गुड़ी पाड़वा पर 30 मार्च को नागपुर में दोनों हस्तियां पहली बार मंच साझा करेंगे। प्रधानमंत्री माधव सदाशिव गोलवलकर के नाम पर नेत्र अस्पताल का शिलान्यास भी करेंगे। जानिए क्यों अहम है यह मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को गुड़ी पड़वा पर नागपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह संघ के दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवरकर के नाम पर बनने वाले नेत्र अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान पीएम मोदी पहली बार नागपुर में सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ मंच साझा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि देने दीक्षाभूमि भी जाने की चर्चा है।
संघ सूत्रों के मुताबिक पीएम की नागपुर यात्रा को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। उनका स्वागत स्मारक समिति की ओर से सरकार्यवाह भैयाजी जोशी करेंगे। समारोह में संघ प्रमुख और पीएम मोदी नागपुर में सार्वजनिक रूप से पहली बार मंच साझा करेंगे। इससे पहले दोनों शख्सियतों ने राम मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा के दौरान साल 2023 और 2024 में सार्वजनिक रूप से मंच साझा किया था। मोदी संभवत: नागपुर का दौरा करने वाले पहले पीएम होंगे। अगर उन्होंने रेशमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति भवन का दौरा किया तो ऐसा करने वाले भी वह देश के पहले पीएम होंगे।
अप्रैल में मिल सकता है नया अध्यक्ष रिजिजू-प्रहलाद जोशी की चर्चा
माना जा रहा है कि संघ प्रमुख और पीएम की मुलाकात के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा अप्रैल के पहले सप्ताह में की जा सकती है। इस पद के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और प्रहलाद जोशी के नाम की चर्चा है। रिजिजू बौद्ध समुदाय से होने के साथ पार्टी के पूर्वोत्तर के मजबूत चेहरा हैं। बौद्ध धर्म के प्रति दलितों का आकर्षण रहा है। जोशी कर्नाटक के ब्राह्मण है। चर्चा है कि दक्षिण के राज्यों में विस्तार की संभावना देख रही पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए दक्षिण भारत को भी मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है।
पीएम और भागवत की मुलाकात बेहद अहम क्यों
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब संघ की 21 से 23 मार्च के बीच होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक संपन्न हो चुकी होगी। इस बैठक में इस साल विजयादशमी के दिन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरा करने वाला संघ शताब्दी वर्ष की कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के साथ धर्मांतरण, जनसंख्या नीति जैसे अहम मुद्दों पर सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है।
2023 में अचानक टल गया था दौरा
पीएम मोदी साल 2023 में नागपुर में राष्ट्रीय केंद्रीय संस्थान का उद्घाटन करने वाले थे। कार्यक्रम की रूपरेखा में तब भी पीएम को संघ प्रमुख के साथ मंच साझा करना था। हालांकि 27 अप्रैल के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के कारण नहीं जा पाए थे। तब उनकी जगह गृह मंत्री अमित शाह को भेजने की योजना बनी। हालांकि अंत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और संघ प्रमुख भागवत ने एनआईसी का उद्घाटन किया।