नई दिल्ली । तिलक नगर इलाके में सोमवार की शाम क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में 15 साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शिनाख्त निशांत के रूप में हुई। मैदान में बच्चे से झगड़ा होने के बाद 12 साल के बच्चे ने अपने 17 साल के चचेरे भाई और उसके एक साथी की मदद से नाबालिग से मारपीट की। गर्दन और सिर में चोट लगने से बच्चा अचेत हो गया।
परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हत्या का केस किया है। पुलिस ने तीनों आरोपी नाबालिगों को पकड़ लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त दरादे शरद भास्कर ने बताया कि सोमवार रात करीब 7.30 बजे डीडीयू अस्पताल से 15 साल के बच्चे की मौत की सूचना मिली। अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि मृत नाबालिग परिवार के साथ तिलक नगर इलाके में रहता था। परिवार में पिता प्रमोद कुमार मां और तीन भाई हैं। उसके पिता की इलाके में चाय की दुकान है। छानबीन में पता चला कि निशांत शाम में वुडलैंड पार्क में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इस दौरान उसकी एक पहले बैटिंग करने को लेकर 12 साल के बच्चे से विवाद हो गया। सभी पार्क से अपने घर आ गए।
परिवार वालों का आरोप है कि दो आरोपी निशांत को घर से बुलाकर ले गए। बाद में परिवार वालों को मॉल के पास निशांत के अचेत पड़े होने की जानकारी मिली। परिवार वाले तुरंत वहां पहुंचे और बच्चे को लेकर डीडीयू अस्पताल गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में कर हत्या का केस किया। पुलिस ने मामले की छानबीन के दौरान घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें तीनों आरोपी दिखाई दिए। पुलिस ने उनकी पहचान कर तीनों को पकड़ लिया।
12 साल के नाबालिग ने बताया कि पार्क में हुए झगड़ा होने के बाद वह घर आकर अपने 17 साल के चचेरे भाई को घटना के बारे में बताया। उसके बाद एक अन्य 13 साल के नाबालिग के साथ उनलोगों ने पीड़ित की तलाश शुरू की। रात में आमना सामना होने पर तीनों ने उसकी लात घूंसों से पिटाई कर दी और वहां से भाग गए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
परिवार वालों ने थाने पर किया हंगामा
घटना की जानकारी मिलने के बाद न्याय की मांग को लेकर परिवार वाले तिलक नगर थाने पर पहुंचे। उनलोगों ने पुलिस को बताया कि दो लोग निशांत को घर से लेकर गए थे। लेकिन पुलिस उन्हें आश्वासन देने के बजाए मारपीट कर उन्हें वहां से भगाने की कोशिश की। जिसके बाद लोगों ने थाने के बाहर हंगामा किया। परिवार वालों ने पुलिस कर्मियों पर पिटाई करने का भी आरोप लगाया।


