न्यूयॉर्क। फिलाडेल्फिया में इराक के खिलाफ मुकाबला किलियन एमबाप्पे के करियर का 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। इस खास अवसर को उन्होंने दो गोल दागकर और भी यादगार बना दिया। 14वें मिनट में माइकल ओलीसे के पास पर एमबाप्पे ने शानदार लेफ्ट फुट शॉट लगाकर फ्रांस को बढ़त दिलाई।
इसके बाद 54वें मिनट में उन्होंने दूसरा गोल कर टीम की जीत लगभग तय कर दी। फ्रांस ने मुकाबला 3-0 से जीता और राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली।
विश्वकप इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर
इराक के खिलाफ दूसरा गोल एमबाप्पे के विश्वकप करियर का 16वां गोल था। इसके साथ उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली। सबसे खास बात यह है कि एमबाप्पे ने यह उपलब्धि सिर्फ 16 विश्वकप मैचों में हासिल की है, जबकि क्लोजे ने 24 मुकाबले खेले थे।
विश्वकप में सबसे ज्यादा मल्टी-गोल मैच
इराक के खिलाफ दो गोल करने के साथ एमबाप्पे ने विश्वकप इतिहास का एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम विश्वकप में छह ऐसे मैच हैं, जिनमें उन्होंने दो या उससे ज्यादा गोल किए हैं। यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा विश्वकप इतिहास में सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा बताता है कि बड़े मंच पर एमबाप्पे सिर्फ गोल नहीं करते, बल्कि मैच का रुख बदलने की क्षमता भी रखते हैं।
रूस 2018 से शुरू हुई कहानी
एमबाप्पे ने 25 मार्च 2017 को लक्जमबर्ग के खिलाफ फ्रांस के लिए डेब्यू किया था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 18 वर्ष थी। विश्व फुटबॉल ने उन्हें वास्तव में 2018 विश्वकप में पहचाना। अर्जेंटीना के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में उनकी रफ्तार और दो गोलों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। क्रोएशिया के खिलाफ फाइनल में गोल कर वह पेले के बाद विश्वकप फाइनल में गोल करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने। फ्रांस ने खिताब जीता और एमबाप्पे विश्व चैंपियन बन गए।
कतर 2022 का ऐतिहासिक फाइनल
एमबाप्पे का सबसे यादगार प्रदर्शन 2022 विश्वकप फाइनल में आया। अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल में फ्रांस 0-2 से पीछे था। एमबाप्पे ने दो मिनट के भीतर दो गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया। एक्स्ट्रा टाइम में उन्होंने एक और गोल करके हैट्रिक पूरी की। वह विश्वकप फाइनल में हैट्रिक लगाने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बने। हालांकि फ्रांस पेनल्टी शूटआउट में हार गया, लेकिन एमबाप्पे ने आठ गोल के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया।
फ्रांस के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर
विश्वकप 2026 के पहले मैच में सेनेगल के खिलाफ गोल करते ही एमबाप्पे ने ओलिवियर जिरू को पीछे छोड़ दिया था। वह अब फ्रांस के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। 100 मैचों में उनका गोल रिकॉर्ड उन्हें फ्रांस के महानतम खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर चुका है।
अगला लक्ष्य क्या है?
एमबाप्पे के सामने अब दो बड़े रिकॉर्ड हैं। पहला, लियोनल मेसी के 18 विश्वकप गोलों का रिकॉर्ड। वह इससे सिर्फ दो गोल दूर हैं। दूसरा, फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड। वर्तमान में यह रिकॉर्ड ह्यूगो लोरिस के नाम है, जिन्होंने 145 मैच खेले थे। एमबाप्पे अभी सिर्फ 27 वर्ष के हैं और जिस गति से वह रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, उसे देखते हुए दोनों उपलब्धियां उनकी पहुंच में दिखाई देती हैं।


