नई दिल्ली। महिला दिवस के मौके पर मुंबई से चलने वाली ट्रेन संख्या 22223 जो सीएसएमटी से साईनगर शिरडी के लिए रवाना हुई, इस ट्रेन में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट, ट्रेन प्रबंधक और टिकट परीक्षक, साथ ही ऑन-बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सभी महिलाएं थीं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की जिम्मेदारी पहली बार पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में दे दी है। शनिवार को इस ट्रेन में लोको पायलट से लेकर कैटरिंग का जिम्मा महिलाओं ने उठाया है।
जानकारी के अनुसार, मुंबई से चलने वाली ट्रेन संख्या 22223 जो सीएसएमटी से साईनगर शिरडी के लिए रवाना हुई, इस ट्रेन में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट, ट्रेन प्रबंधक और टिकट परीक्षक, साथ ही ऑन-बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सभी महिलाएं थीं। भारतीय रेलवे इस पहल से महिला शौर्य और साहस को सम्मानित करने के साथ रेलवे में महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व को बढ़ावा दे रहा है।
पश्चिम रेलवे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए महिला शक्ति का वंदन किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि "उनके हर कदम पर हम उनके साथ खड़े हैं, उनकी यात्रा और विकास का समर्थन करते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, पश्चिम रेलवे सभी महिलाओं की शक्ति, उनकी दृढ़ता और उपलब्धियों को नमन करता है।"
दरअसल, हर साल 8 मार्च को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और उनकी सराहना करने का अवसर है। इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में योगदान के उत्सव के तौर पर देखा जाता है। गौरतलब है कि, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 1909 में हुई थी, और इसे औपचारिक मान्यता 1975 में मिली, जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे एक थीम के साथ मनाना शुरू किया. इस बार का थीम 'एक्सलरेट एक्शन' है।