हरपालपुर। निर्माणाधीन कोतवाली परिसर में मासूम का पिता मजदूरी कर रहा था। बुधवार को लापता हो गया था, पुलिस ने सख्ती की तो चालक ने राज खोल दिया। रोहन की गुमशुदगी की जानकारी बुधवार रात लगभग साढ़े सात बजे पुलिस को मिली थी।
मजदूर पिता के कार्यस्थल पर खेल रहे मासूम को मिट़्टी डालते समय जेसीबी का पंजा लग गया। घटना को छिपाने के लिए गंभीर रूप से घायल मासूम पर जेसीबी चालक ने मिट्टी का ढेर लगा दिया। लगभग 15 घंटे बाद पूछताछ में जेसीबी चालक ने हकीकत बताई, तो तीन घंटे तक मिट्टी हटाने के बाद मासूम का शव मिला।
पुलिस ने जेसीबी चालक को हिरासत में ले लिया है। बलरामपुर के पचपेड़वा थाना क्षेत्र के सोनेपुर निवासी शत्रोहन मजदूरी करता है। इन दिनों हरपालपुर कोतवाली भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। मजदूरी के लिए शत्रोहन अपनी पत्नी सरिता और चार बच्चों के साथ निर्माण स्थल पर ही रहता है।
बुधवार की दोपहर दो बजे शत्रोहन ने परिवार के साथ खाना खाया था। इसके बाद उसका सबसे छोटा पुत्र रोहन (6) वहीं खेल रहा था। इसी दौरान अचानक वह लापता हो गया। काफी देर तलाशने पर भी कुछ पता नहीं चला तो शत्रोहन ने शाम साढ़े सात बजे पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने फौरन ही गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। देर रात उन्नाव से डॉग स्क्वायड भी मंगवाया गया। रात में कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच कुछ लोगों ने बुधवार को डाली गई मिट्टी के नीचे रोहन के दबे होने की आशंका जताई, तो पुलिस ने जेसीबी चालक शेखवापुर निवासी वर्षा सिंह उर्फ वीपी यादव से पूछताछ की।
पहले तो वह बरगलाता रहा, लेकिन फिर हकीकत बयां कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के मुताबिक जेसीबी से जहां मिट्टी डाली जा रही थी, वहीं रोहन खेल रहा था। इसी दौरान जेसीबी का पंजा सिर में लगने से रोहन लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना को छिपाने के उद्देश्य से चालक ने चोट लगने से घायल रोहन पर मिट्टी डाल दी। इसके बाद कई बार वहां मिट्टी डाली गई। वीपी ने जब पुलिस को यह बताया तो जेसीबी लगाकर मिट़्टी हटवाई गई।
बृहस्पतिवार सुबह लगभग सवा नौ बजे रोहन का शव मिल गया। बुधवार रात शत्रोहन की तहरीर पर दर्ज की गई गुमशुदगी की रिपोर्ट में गैर इरादतन हत्या, शव और साक्ष्य छिपाने की धाराएं बढ़ाई गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वीपी यादव को हिरासत में लिया गया है।
रोजगार कमाने आए थे, बेटा गंवा बैठे
बलरामपुर निवासी शत्रोहन 12 दिन पहले हरपालपुर पहुंचा था। उसके गांव के कुछ अन्य मजदूर भी कोतवाली के निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे हैं। शत्रोहन और उसकी पत्नी सरिता भी यहीं मजदूरी करने लगे। वह अपने चारों बच्चों को साथ लाया था। दंपती मजदूरी करते थे और बच्चे वहीं आस पास खेलते रहते थे। रोहन का शव मिलने के बाद शत्रोहन और सरिता बिलख पड़ीं। बार बार यही कह रही थी कि यहां मजदूरी से कमाने आए थे, लेकिन बेटा ही गंवा बैठे।
शव मिलने पर पुलिसकर्मियों के भी आ गए आंसू
रोहन की गुमशुदगी की जानकारी बुधवार रात लगभग साढ़े सात बजे पुलिस को मिली। पुलिस फौरन ही सक्रिय हो गई। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई तो अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह और सीओ हरपालपुर शिल्पा कुमारी मौके पर पहुंचीं। इसी बीच एसपी नीरज कुमार जादौन ने उन्नाव के एसपी से संपर्क कर डॉग स्क्वायड मंगवाया। हालांकि डॉग स्क्वायड से कोई बहुत सुराग नहीं मिला। बृहस्पतिवार सुबह जब रोहन का शव मिला तो रात भर उसे तलाशने में हलकान रहे पुलिस कर्मी भी भावुक हो गए।