आगरा । जिप लाइन हादसे में जान गंवाने वाला कुनाल होनहार था। 11वीं कक्षा में पढ़ता था। उसे स्टंट का भी शौक था। वह जिप लाइन में एडवेंचर का मजा लेने की कई दिन से पिता से जिद कर रहा था। माता-पिता दोनों उसे और दूसरे बेटे मयंक को लेकर आए थे।
कुनाल के नीचे गिरते ही मां की चीख निकल गई। पिता बेसुध हो गए। मां ने बेटे को गोद में उठा लिया। बोलीं, कोई मेरे लाल को बचा लो। वो बस यहां पर खेलने के लिए आया था। दोनों का यह हाल देखकर अन्य लोगों के आंसू निकल आए।
मयंक कक्षा 9 का छात्र है। दोनों ने यूट्यूब पर चाैपाटी में चलने वाली जिप लाइन के बारे में सुना था। पंकज रविवार सुबह 11 बजे आगरा पहुंचे थे। वह पत्नी और दोनों बेटे के साथ बस से आए थे। सबसे पहले जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद माल में पिक्चर देखने गए थे। पंकज की पत्नी रिंकी की बहन बल्केश्वर में रहती हैं। वह घूमने के बाद बहन के घर जाने वाले थे। रात में खाना खाने के बाद ही घर लौटते। शाम करीब 4 बजे चाैपाटी पहुंचे और करीब 6 बजे हादसा हो गया। घटना की जानकारी पर बाद में रिश्तेदार भी पहुंच गए। उन्होंने पंकज और रिंकी को संभाला। फिरोजाबाद से भी परिजन पहुंच गए।
होश में आने पर पिता भी कुनाल के सीने से लिपटकर रोये जा रहे थे। कह रहे थे कि बेटे की जिद पर ही यहां आए थे। पता नहीं था कि यह दिन उसके लिए आखिरी बन जाएगा। उनका सब कुछ छिन गया। स्टंटमैन बनना चाहता था। उसने जिद नहीं की होती तो यहां कभी नहीं आते। माता-पिता को लोगों ने किसी तरह संभाला।


