आम आदमी पार्टी की मांग है कि मणिकर्णिका घाट का पुनर्निर्माण कराया जाए, इस घटना के दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सत्ता की जिम्मेदारी विरासत की हिफाजत करने की होती है ना कि उसे बुलडोज करने की।
मथुरा आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि प्रकाश भारद्वाज ने काशी में मणिकर्णिका घाट पर चलाए गए बुलडोजर से क्षतिग्रस्त हुईं मूर्तियां एवं धार्मिक भावनाओं पर आई गहरी चोट तथा प्रयागराज में संगम तट पर स्नान से रोके गए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के सवाल पर भाजपा के शासन प्रशासन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि, भाजपा का देश के बहुसंख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं एवं धार्मिकता से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा धर्म का इस्तेमाल केवल और केवल अपनी राजनीति और व्यापार के लिए करती है। काशी में माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के साथ बुलडोजर से जो आपत्तिजनक व्यवहार किया गया है वह काबिले बर्दाश्त नहीं है।भारत की सांस्कृतिक विरासत में सभी की धार्मिक आस्था का पूरा ध्यान रखा जाता है। इस घटना ने विगत इतिहास में आए आक्रांताओं द्वारा किए गए भेदभावपूर्ण धार्मिक दुर्व्यवहार के साथ, वर्तमान भाजपा के शासन की समानता को उजागर किया है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि मणिकर्णिका घाट का पुनर्निर्माण कराया जाए, इस घटना के दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के किसी भी निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर जन सहमति बनाते हुए एक ठोस नीति का निर्माण किया जाए। सत्ता की जिम्मेदारी विरासत की हिफाजत करने की होती है ना कि उसे बुलडोज करने की।
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा किया जा रहा धरना संवैधानिक अधिकारों की सीमाओं के अंदर है तथा उनकी सभी मांगे जायज हैं। उनकी सभी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए। आजाद भारत में इससे ज्यादा कोई दुखद घटना नहीं हो सकती कि शंकराचार्य के साथ आए उनके शिष्य ,छोटे बच्चों को तथा 85 साल के बुजुर्ग को बड़ी बेरहमी से पीटा गया है। यदि ऐसी घटना किसी और राजनीतिक पार्टी के शासनकाल में होती तो, सभी भाजपाई छाती पीट- पीट पर करके,हिंदू विरोधी ,धर्म विरोधी, भारत विरोधी, और आतंकवादी बताने के लिए पूरी ताकत लगा देते। आज सबके मुंह पर ताला लगा हुआ है, कोई एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं है। क्या गंगा स्नान के लिए भी किसी की परमिशन की जरूरत पड़ेगी? क्या आगे आने वाले वक्त में भाजपा का शासन प्रशासन तय करेगा कि किसको गंगा में स्नान करने दिया जाए और किसको न करने दिया जाए?।60 करोड़ लोगों का कुंभ में डुबकी लगाने का श्रेय लेने वाली भाजपा की बहुत जल्दी पोल खुल गई कि वह सिर्फ और सिर्फ ढोंग करना जानती है।


