तेलंगाना के सूर्यापेट में सुबह करीब 5:20 बजे एक प्राइवेट ट्रैवल बस और ट्रक की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए पुलिस ने बताया कि स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बस में कुल 42 यात्री सवार थे। हादसे की वजह तेज रफ्तार को माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक प्राइवेट ईवी बस के ट्रक से टकराने से छह लोगों की मौत हो गई और कम से कम 12 अन्य घायल हो गए। मरने वालों में छह महिलाएं शामिल हैं। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 5.15 बजे हैदराबाद-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर कोडाड मंडल में हुई। बस में 42 यात्री सवार थे और वह हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के एलुरु जा रही थी, तभी वह पीछे से एक ट्रक से टकरा गई।
सूर्यापेट जिले के पुलिस अधीक्षक के. नरसिम्हा ने पत्रकारों को बताया कि ट्रक में औद्योगिक इस्तेमाल के लिए भारी पिलर लदे हुए थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही बस ट्रक से टकराई, पिलर को बांधने वाली चेन टूट गई और वे बस के दाहिने हिस्से से जा टकराए। माना जा रहा है कि इससे बस में आगे बैठे लोगों की मौत हो गई। एसपी ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के अस्पताल ले जाया गया है।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर जताया दुख
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने मुख्य सचिव को घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे की वजह तेज रफ्तार हो सकती है। पुलिस ने आशंका जताई है कि बस के टकराने से पहले ही ट्रक सड़क के डिवाइडर से टकरा चुका था।
सूर्यापेट बस हादसे पर राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा, 'यह दुखद है कि हैदराबाद से विजयवाड़ा जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और छह लोगों की मौत हो गई है। हमारी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं। सरकार को तुरंत मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान करना चाहिए और घायलों को सही इलाज मिलना चाहिए। हमारे राज्य में सड़क हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं। वजह चाहे जो भी हो, सरकार को सड़क सुरक्षा के उपायों को मजबूत करना होगा। ड्राइवरों, ट्रांसपोर्ट मालिकों और कंपनियों को भी सभी जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।'


