प्रयागराज निवासी एक महिला ने शंभू पंचायती अटल अखाड़ा हरिद्वार के श्रीमहंत सत्यमगिरी पर शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण व ब्लेकमेल करने का आरोप लगाया है। महिला ने प्रयागराज के थाना दारागंज पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि वह महिला की शिकायत के बाद से ही सत्यमगिरी को बचाने में लगी हुई है। महिला की शिकायत कई महीने से दबाई हुई है और महिला पर दबाव बना रही है कि वह अपनी शिकायत वापस ले ले। महिला को डराने के लिए पुलिस ने सत्यगीरी से 14 सितंबर को फर्जी व मनघडन्त तथ्यों के आधार पर सत्यमगिरी को ब्लैकमेल और बदनाम करने की एक शिकायत ली जिस पर पुलिस ने तत्काल महिला के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर दी। यही नहीं, उसीदिन दैनिक जागरण में भी समाचार प्रकाशित करवा दिया जिसमें प्रताड़ित महिला का नाम भी खुले रूप में प्रकाशित कराया गया ताकि वह अपने मुहल्ले में बदनाम हो जाए और प्रयागराज छोड़कर भाग जाए। यही नहीं, सत्यम गिरी ने अपने बचाव के लिए महिला व अन्य दो के खिलाफ हरिद्वार में भी शिकायत दर्ज कराई है कि महिला अपने साथियों के साथ मिलकर उसे 50 लाख रुपये के लिए ब्लैक मेल कर रही है।
महिला ने 17 अप्रैल 2025 को जनसुनवाई के माध्यम से उप्र पुलिस को सत्यमगिरी के खिलाफ शादी का झांसा देकर का शारीरिक व मानसिक शोषण कर धोखा देने की शिकायत की थी जिसकी एक प्रति ईमेल द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार को भी भेजी। 8 मई 2025 पुनः एक शिकायत गृह सचिव, उत्तर प्रदेश व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार व प्रयागराज पुलिस के अंतर्गत थाना दारागंज को दी थी। लेकिन उसके बाद महिला लगातार थाने में जाकर अपनी शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी मांगती रही लेकिन पुलिस यही कह कर टालती रही कि अभी जांच चल रही है। दारागंज पुलिस ने महिला के खिलाफ एफआईआर में स्वयं स्वीकार किया हुआ है कि महिला ने थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने महिला की शिकायत को बिना जांच किए फर्जी बता दिया और सत्यम की शिकायत पर बिना जांच किए केस दर्ज कर दिया।
महिला का कहना है कि एफआईआर का मकसद केवल महिला की शिकायत को दबाने, उच्चाधिकारियों को गुमराह करने और समाज में महिला को बदनाम करने के उद्देश्य से की गयी है जिसका प्रमाण है कि एफआईआर के 5 महीने बीत जाने के बाद भी सबूतों के अभाव में पुलिस मामले को अदालत में पेश नहीं कर सकी है। महिला ने प्रयागराज के दारागंज थानाध्यक्ष के खिलाफ भी एफआईआर करने की मांग की है कि उन्होंने महिला की एफआईआर दर्ज करने की बजाए आरोपी सत्यमगिरी के कहने पर महिला के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया और प्रताड़ित महिला का नाम सार्वजनिक करवाया। महिला द्वारा प्रयागराज पुलिस आयुक्त को दी गयी शिकायत में पुलिस व सत्यमगिरी पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए प्रयागराज पुलिस आयुक्त ने 17 फरवरी को आदेश जारी कर दिए हैं।
दस महीने बीत जाने के बावजूद थाना दारागंज पुलिस द्वारा महिला की शिकायत पर एफ आई आर न लिखे जाने के बाद महिला ने प्रयागराज अदालत में अपनी गुहार लगाई है जिसपर अदलात ने पुलिस को जांच रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए है।
महिला ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी जी महाराज सहित अटल अखाड़े के सभी साधुओं से अपील की है कि वे अटल अखाड़े के श्री महंत के भेष में कालनेमि रूपी सत्यमगिरी का साधु समाज से बहिष्कार करें जो अपने साधु भेष का फायदा उठाकर पुलिस व समाज को गुमराह कर रहा है।


