नई दिल्ली । बाहरी उत्तरी जिला के भलस्वा डेरी स्थित मुकुंदपुर गांव में रविवार दो साल की मासूम लापरवाही की भेंट चढ़ गई। यहां खुले नाले में गिरकर मासूम की जान चली गई। मृतका की शिनाख्त अश्वि (2) के रूप में हुई है। रविवार सुबह करीब 11 बजे घर के पास खेलते हुए अचानक अश्वी गायब हो गई थी।
परिजनों नाले में घुसकर ढूंढी लाश
कई घंटे मासूम की तलाश करने के बाद परिजनों ने खुद ही नाले में उतरकर मासूम को ढूंढा। बाद में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।
10 दिन पहले हटाई गई थी नाले की स्लैब
जांच के दौरान पता चला है कि नाला सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का है। करीब 10 दिन पहले नाले की सफाई के लिए उसकी स्लैब को हटाया गया था, लेकिन उसको दोबारा नहीं ढका गया। इस बीच हादसा हो गया। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिजनों के हवाले कर दिया।
गुस्साए परिजनों ने लगाया जाम
गुस्साए परिजनों ने मासूम का शव मुकुंदपुर गांव के 60 फुटा रोड पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों ने जमकर सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने समझाकर परिजनों को वहां से हटाया गया। पुलिस ने मामले में लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
विभाग की सफाई
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि नाले का निर्माण उनके विभाग ने वर्ष 2023 में किराया था। इसके बाद इसको नगर निगम को हैंड ओवर करने की प्रक्रिया चल रही थी। हादसे को लेकर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि किस स्तर पर लापरवाही हुई, उसकी भी पड़ताल की जा रही है।
मासूम की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल...
पुलिस के मुताबिक अश्वि परिवार के साथ मुकुंदपुर गांव में रहती थी। इसके परिवार में पिता विकास केसरी, मां सुलोचना देवी, दादा शंभु प्रसाद केसरी और ताऊ अजीत प्रसाद केसरी हैं। विकास और सुलोचनी की वर्ष 2023 में शादी हुई थी। विकास की घर के पास ही किराने की दुकान है। रविवार सुबह मासूम घर के पास खेल रही थी।
शक होने पर नाले में उतरे परिजन
इस बीच वह गायब हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कई घंटे तलाश करने के बाद परिवार ने भलस्वा डेरी थाने पहुंचकर उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। इस बीच परिवार खुद ही मासूम को ढूंढता रहा। एक पड़ोसी के कहने पर परिजनों को मासूम के नाले में गिरने का शक हुआ। शक के आधार पर परिजन नाले में उतरे।
मां हुई बेहोश, पिता का रो रोकर बुरा हाल
करीब दो फीट चौड़े और चार फीट गहरे नाले से कुछ ही देर में मासूम का शव बरामद हो गया। मासूम की मौत का पता चलते ही सुलोचना बेहोश हो गई और विकास भी रोने लगा। सोमवार को उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात की जा रही है।
अक्सर हो जाते हैं हादसे...
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि आए दिन कोई न कोई इस खुले नाले में गिरता रहता है। पिछले दिनों एक बुजुर्ग नाले में गिरकर जख्मी हो गए थे। इसके अलावा मवेशी और दूसरे जानवर भी नाले में गिरते रहते हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इस नाले को तुरंत बंद करवाने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने वादा किया है कि वह विभाग से गुजारिश कर इस नाले को बंद करवाने के लिए लिखेंगे।


