पूर्वी दिल्ली । शाहदरा साइबर थाना पुलिस ने कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों अदीब खान (36) और अनीस अली को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6.95 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि पीड़ित अक्षय वर्मा को कारोबार के लिए लोन की जरूरत थी। अदीब खान ने खुद को बजाज फिनसर्व व अन्य निजी बैंकों का अधिकृत एजेंट बताया। उसने अक्षय को कम ब्याज पर लोन का झांसा दिया। अक्षय ने कौशांबी स्थित केएम ट्रेड टावर्स के पते पर तीन चेक भेजे। इनमें एक साइन किया हुआ खाली चेक था। आरोपियों ने उस चेक में रकम भरी और म्यूल बैंक खाते में जमा कर 15 लाख रुपये नकद निकाल लिए। पुलिस के अनुसार, इस ठगी में अदीब को 9 लाख रुपये, अनीस को 3 लाख रुपये और फरार राजेंद्र को 3 लाख रुपये मिले थे।
ठगी का तरीका और गिरफ्तारी :
पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने ने बैंक लेनदेन और म्यूल अकाउंट की जांच की। पुलिस ने 25 सितंबर को अदीब और अनीस को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अदीब ने अपने पुराने बैंकिंग अनुभव का उपयोग करना बताया। वह व्हाट्सएप पर फर्जी प्रस्ताव भेजकर कागजात व चेक हासिल कर ठगी करता था। अनीस फर्जी म्यूल अकाउंट का इंतजाम कर ठगी की रकम निकालता था।
विदेश में नौकरी के नाम पर 41 लोगों से 40 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शांताराम बरकू शेल्के को महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा से गिरफ्तार किया है। उस पर 41 बेरोजगारों से करीब 40 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। आरोपी रूस और इस्राइल में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। पीड़ित हवाई अड्डे पहुंचे तो उनके दस्तावेज फर्जी निकले। इसके बाद आरोपी लक्ष्मी नगर स्थित कार्यालय बंद कर फरार हो गया।
पुलिस उपायुक्त अमित वर्मा के अनुसार, आरोपी ने लक्ष्मी नगर में एम/एस एसएस ओवरसीज ट्रैवल्स एजेंसी का कार्यालय खोला था। उसने अवैध कारोबार को वैध दिखाने के लिए जीएसटी नंबर भी लिया था। ईओडब्ल्यू ने बैंक, मोबाइल रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसे ट्रैक किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने गलत पते बताए और मोबाइल बंद कर दिए थे।


