नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस के दामन पर दाग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त के पीए (निजी सहायक) रहे प्रदीप कुमार रांगी ने दिल्ली पुलिस को शर्मसार किया है। रांगी पर गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई की ओर से पांच करोड़ की मांगी गई रंगदारी के मामले को दो करोड़ में सैटल कराने का गंभीर आरोप है।
फिलहाल एसआई की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद एसआई प्रदीप को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियाें के अनुसार एसआई प्रदीप कुमार पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त डीएस भास्कर के पीए रहे हैं। वह उस समय से उनके साथ है जब वह एसीपी, सुल्तानपुरी थे। प्रदीप की तैनाती से दिल्ली पुलिस के बाहरी-उत्तरी जिले में है, मगर एसआई को पुलिस उपायुक्त के साथ अटैच कर पश्चिमी जिले में भेजा हुआ था।
हरियाणा की बहागुर गढ़ थाना पुलिस से मिली सूचना के अनुसार एक्वालाइट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर व पंजाबी बाग निवासी देवेंद्र कुमार से गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम न देने पर पीड़ित और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पीड़ित को यह धमकी 16 अप्रैल को हरियाणा के कसार गांव में स्थित उनकी फैक्ट्री में ''+44'' कोड वाले एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से मिली थी।


