नई दिल्ली । राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में आने वाले कुछ वर्षों में विजिटिंग अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। अब लोहे की सलाखों के पीछे से जानवर देखने की जगह, मजबूत और पारदर्शी शीशे (ग्लास) लगे होंगे, जिससे शेर, बाघ और अन्य जानवर साफ दिखाई देंगे।
अधिकारियों के अनुसार, विदेशी चिड़ियाघरों जैसा अनुभव देने के लिए यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। पक्षियों के बाड़े में भी सुधार होगा। अब विजिटर्स बाड़े के अंदर जाकर पक्षियों को उड़ते हुए देख पाएंगे, बजाय इसके कि केवल रेलिंग के पीछे से दूर से देखें। रात के जानवरों के लिए खास नोक्टर्नल हाउस बनाया जाएगा। हल्की रोशनी में उल्लू, लोमड़ी और अन्य नाइट एक्टिव जानवरों को आसानी से देखा जा सकेगा।
सुरक्षा के लिए चिड़ियाघर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस ‘स्मार्ट’ कैमरों का इस्तेमाल होगा। इन कैमरों में सेंसर लगे होंगे, जो किसी भी असामान्य गतिविधि या जानवर के बाड़े से बाहर निकलने की कोशिश पर तुरंत कर्मचारियों को अलर्ट भेजेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव अगले 4 वर्षों में धीरे-धीरे लागू किया जाएगा, ताकि काम के दौरान जानवरों को कोई परेशानी न हो। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस नई व्यवस्था के बाद दिल्ली जू का अनुभव और भी आकर्षक और सुरक्षित हो जाएगा।


