नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के दो कंडक्टर रण सिंह और सुरेश कुमार की सेवा से बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने कहा कि विभागीय जांच में गंभीर अनियमितताएं थीं और आरोपों का आधार मनमाना था।
अदालत ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (सीएटी) के 15 जुलाई 2015 के आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें कर्मचारियों की याचिका को नामंजूर किया था।
पीठ ने आदेश दिया कि दोनों कर्मचारियों को सेवा में बहाल किया जाए, जिसमें सेवा की निरंतरता और वरिष्ठता सहित सभी काल्पनिक लाभ शामिल होंगे। हालांकि, अदालत ने कहा कि चूंकि बर्खास्तगी के बाद उन्होंने कोई ड्यूटी नहीं की, इसलिए उन्हें केवल 50% बैक वेज का हकदार माना जाएगा। यदि वे सुपरएनुएशन की उम्र तक पहुंच चुके हैं, तो बैक वेज उसी तारीख तक दिए जाएंगे।
6 अगस्त 2011 का है, जब नरेला डिपो में कंडक्टर रण सिंह, सुरेश कुमार और ड्राइवर जगफूल सिंह पर डिपो मैनेजर आर.बी.एल. श्रीवास्तव के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगा। पहला चार्जशीट एटीआई सुरेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर जारी किया गया, लेकिन जांच में सुरेंद्र सिंह ने मारपीट से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें जबरन रिपोर्ट लिखवाई गई थी।


