नई दिल्ली । बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) कोई कार्रवाई नहीं करेगा। दरअसल, बांग्लादेश ने हाल ही में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में विश्व कप के मुकाबले खेलने से इनकार किया था। इसके बाद आईसीसी ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में शामिल किया और बांग्लादेश बाहर हो गया।
आईसीसी नहीं लगाएगा बीसीबी पर जुर्माना
आईसीसी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत में टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार करने के मामले में बीसीबी पर किसी भी तरह का जुर्माना या दंड नहीं लगाया जाएगा। खेल की वैश्विक संस्था ने यह फैसला बीसीबी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ बैठक के बाद लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी बांग्लादेश के समर्थन में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। आईसीसी ने कहा, 'यह सहमति बनी है कि मौजूदा मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी भी प्रकार का वित्तीय, खेल संबंधी या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जाएगा।'
बीसीबी ने सुरक्षा का हवाला देकर किया था भारत में खेलने से इनकार
आईसीसी ने यह भी कहा कि बीसीबी के पास विवाद समाधान समिति (Dispute Resolution Committee-DRC) से संपर्क करने का अधिकार बना रहेगा। यह अधिकार मौजूदा आईसीसी नियमों के तहत सुरक्षित रहेगा। आईसीसी ने आगे कहा कि उसका रुख तटस्थता और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर आधारित है और उसका उद्देश्य दंड देने के बजाय सहयोग और समाधान निकालना है। बता दें कि, बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत की यात्रा से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।
बांग्लादेश को मिली आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी
आईसीसी की तरफ से बताया गया है कि बांग्लादेश 2028-31 के बीच किसी एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। खेल की वैश्विक संस्था ने कहा, 'यह सहमति बनी है कि बांग्लादेश 2031 पुरुष क्रिकेट विश्व कप से पहले एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा, जो सामान्य आईसीसी मेजबानी प्रक्रियाओं और आवश्यकताओं के अधीन होगा।'
आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी की बैठक के बाद फैसला
आईसीसी का यह फैसला रविवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नकवी और बीसीबी के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल और खेल की वैश्विक संस्था के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा के बीच हुई बैठक के बाद आया है। इस बैठक में पाकिस्तान के टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ बहिष्कार के मैच को लेकर लाहौर में चर्चा हुई थी।
पाकिस्तान ने आईसीसी के समक्ष शर्त रखी थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज दोबारा शुरू हो।
आईसीसी ने इस शर्त को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए कहने का का अधिकार उनके पास नहीं है। यहां तक कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र के अंतर्गत भी यह नहीं कहा जा सकता।
पीसीबी ने साथ ही भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच त्रिकोणीय सीरीज कराने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आईसीसी ने उसकी यह मांग भी खारिज कर दी।
पीसीबी ने फिर बेतुकी मांग करते हुए कहा कि भारत को इस साल द्विपक्षीय सीरीज के लिए बांग्लादेश का दौरा करना चाहिए जो पिछले साल स्थगित कर दी गई थी। हालांकि, एक बार फिर आईसीसी ने द्विपक्षीय सीरीज में हस्तक्षेप नहीं करने की बात कहकर इस मांग को भी खारिज कर दिया।
पाकिस्तान की प्रमुख मांगों में से एक यह भी है कि बांग्लादेश को आईसीसी के राजस्व में उसका हिस्सा मिलता रहे। हालांकि, आईसीसी ने पहले ही बांग्लादेश पर अलग से जुर्माना न लगाने का फैसला कर लिया है।


