नई दिल्ली । ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर हैं। भारतीय रेलवे के इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन ने लोगों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए नई सुविधा की शुरुआत की है। आईआरसीटीसी ने ई-पैंट्री सेवा शुरु की है। इसके जरिए अब यात्री 25 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर सकेंगे।
यह खाना सीधे उनकी सीट तक पहुंचाया जाएगा। यह सुविधा खासकर उन ट्रेनों के लिए है जिनमें टिकट में खानपान शामिल नहीं होता है। आईआरसीटीसी रेलवे का हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म विभाग है। यह कैटरिंग, टूरिज्म और ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम देखता है।
यात्री ई-पैंट्री सेवा का लाभ आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए उठा सकेंगे। यात्री टिकट बुकिंग करने के दौरान या बुकिंग के बाद में बुक टिकट हिस्ट्री सेक्शन में जाकर स्टैंडर्ड मील और रेल नीर (पैकेज्ड पानी) पहले से ऑर्डर कर सकते हैं। ऑर्डर कन्फर्म होने पर उन्हें ईमेल, मैसेज के माध्यम से एक मील वेरिफिकेशन कोड मिलेगा। ट्रेन में मौजूद वेंडर को यह कोड दिखाने पर ऑर्डर किया गया भोजन सीधे सीट पर पहुँचा दिया जाएगा।
आईआरसीटीसी के अनुसार, यह सेवा उन ट्रेनों के लिए बेहद उपयोगी है जहां ट्रेन में खानपान की व्यवस्था नहीं होती। इसका उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना और तकनीकी प्रगति के माध्यम से उनके यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। यात्री इसका पेमेंट डिजिटल तरीकों से भी कर सकेंगे। सभी खाने के ऑर्डर डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए मैनेज किए जाते हैं। यात्रियों को अगर बुकिंग के अनुसार खाना डिलीवर नहीं होता है, तो यात्रियों को रिफंड मिलेगा। कैंसलेशन और रिफंड की जानकारी ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए दी जाएगी।
रेलवे की इस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट भारत की सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेनों में से एक विवेक एक्सप्रेस (22503/04) पर सफलतापूर्वक संचालित किया गया था। इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद आईआरसीटीसी ने इसे अब 25 प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू करने का फैसला लिया है। इसमें स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, मंगला दीप एक्सप्रेस, कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, पश्चिम एक्सप्रेस, ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और कई अन्य ट्रेनें शामिल हैं। आईआरसीटीसी कहना है कि यात्रियों की जरूरत और फीडबैक के आधार पर आगे चलकर इस सर्विस को और ज्यादा ट्रेनों में विस्तार किया जाएगा।


