शेखपुरा । शेखपुरा-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर गुरुवार की देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने तीन ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा टाउन थाना क्षेत्र के एकसारी गांव के समीप हुआ, जिसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों में बुजुर्ग महिलाएं, बच्चे और परीक्षार्थी भी शामिल हैं।
सभी घायल ई-रिक्शा पर सवार होकर मनीअंडा, चेवाड़ा, जलालपुर और बजरंगबीघा गांव की ओर जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिकंदरा की ओर से आ रही तेज रफ्तार जाइलो कार अचानक अनियंत्रित हो गई और एक के बाद एक तीन ई-रिक्शा को रौंदते हुए सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए, जबकि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कार सवार मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया।
सदर अस्पताल में मची अफरातफरी
एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से सदर अस्पताल में अफरातफरी की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रशासन ने पहले से भर्ती मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर घायलों का इलाज शुरू किया। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) पटना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज सदर अस्पताल में जारी है।
घायलों की पहचान के बाद परिजन बदहवास
घायलों की पहचान मनीयंडा निवासी वरजीत कुमार (30), राजकुमार (28), सुनीता देवी (32), विशुनदेव पासवान (50), रणजीत कुमार (45), नंद किशोर शर्मा (65); बजरंगी बीघा निवासी केशवा देवी (52), रीता देवी (55), लव कुश कुमार (13); जलालपुर निवासी मालिनी कुमारी (13), गायत्री देवी (45), ज्योति कुमारी (45), पुष्पा कुमारी (20); बांकरपुर निवासी मुन्ना पंडित (36); अहियापुर निवासी संजय कुमार (59), स्वीटी कुमारी (20), कारो लाल यादव (50) और गिरिहिंडा निवासी दिलखुश कुमार (35) के रूप में हुई है। इनके अलावा एक अज्ञात बुजुर्ग महिला भी घायल है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों की भीड़ अस्पताल में उमड़ पड़ी, जहां अपनों को ढूंढते लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
घटनास्थल पर बिखरे मिले जूते-चप्पल और एडमिट कार्ड
हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर जूते-चप्पल, बैग, एडमिट कार्ड और प्रश्न पत्र बिखरे पड़े थे। एक किशोर हादसे के बाद सड़क किनारे झाड़ियों में गिरकर बेहोश हो गया था, जिसे देर रात खोजकर अस्पताल में भर्ती कराया गया; उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
सड़क पर बिखरी गिट्टी बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक पत्थर लदे ट्रक का डाला खुल जाने के कारण सड़क पर भारी मात्रा में गिट्टी और पत्थर बिखर गए थे। करीब 100 मीटर तक पत्थर फैले होने के कारण वाहन अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन से गुजर रहे थे, जिससे आमने-सामने की टक्कर की स्थिति बन रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से पत्थर बिखरे होने के बावजूद प्रशासन या यातायात पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास नहीं किया। यदि समय रहते सड़क साफ कर दी जाती, तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
तीन किलोमीटर लंबा जाम, डीएम-एसपी भी पहुंचे अस्पताल
हादसे के बाद सड़क पर लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लगन (शादी-विवाह) का मौसम होने के कारण कई बारातें घंटों जाम में फंसी रहीं। बाद में पुलिस ने जेसीबी की मदद से पत्थरों को हटवाकर यातायात बहाल कराया। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी (DM) शेखपुरा शेखर आनंद, एसपी बलराम कुमार चौधरी, एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार, एसडीएम प्रियंका कुमारी और राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि विपिन मंडल सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हाल-चाल जाना और चिकित्सकों को समुचित उपचार के निर्देश दिए। एसपी ने यातायात व्यवस्था में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तीन माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हुआ था। स्थानीय युवाओं ने इस आपदा में सराहनीय पहल की; अहियापुर निवासी शुभम कुमार ने अपनी निजी एंबुलेंस से चार घायलों को अस्पताल पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश किया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।


