हाजीपुर। तिरहुत-मुजफ्फरपुर घर वालों को शक था, लेकिन पुलिस उस स्कूल के उस कमरे में नहीं जा रही थी। पुलिस गंगा में शव तलाशने का दावा कर तीन को हिरासत में दिखा रही थी। जब हंगामा बढ़ा तो उस कमरे में पहुंचते ही सारा राज खुल गया।
पांच दिन से लापता गौसपुर बरियारपुर के पूर्व मुखिया शिबू सिंह के इकलौते बेटे पप्पू सिंह का शव बिदुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मनियारपुर मुस्तफापुर निवासी फुफेरा भाई कुणाल गौतम के निर्माणाधीन स्कूल भवन के कमरे से मिला है। आरोपी फुफेरा भाई कुणाल गौतम रिटायर्ड फौजी है। स्कूल की महिला प्रिंसिपल नीतू सिंह और उसके एक नौकर के साथ मिलकर हत्या की बात सामने आ रही है।
महिला ने बुलाया, मटन पार्टी के बाद हत्या कर लाश दफन
सामने आ रहा है कि हत्या से पहले ही कुणाल गौतम ने सारी तैयारी कर ली थी। शव ठिकाने लगाने के लिए पहले ही निर्माणाधीन स्कूल के कमरे में छह फुट गहरा गड्ढा खोदकर रखा गया था। आरोपी फुफेरा भाई ने महिला से फोन करवाकर पप्पू सिंह को अपने घर 3 मार्च को बुलवाया था। रात में मटन शराब पार्टी के बाद उसकी निर्मम हत्या की गई थी। पप्पू सिंह के सिर पर लाठी डंडे से पिटाई का जख्म है। उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। गर्दन पर चाकू का जख्म मिला है।
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि असल थे गायब
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध मानी जा रही है। परिवार वालों के बार-बार कहने पर जब पुलिस से कोई परिणाम नहीं निकला तो घर वालों ने खुद ही खोजबीन कर इस हत्याकांड का खुलासा किया। इससे पहले, वैशाली पुलिस ने अपनी फजीहत देख आननफानन में शक के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुत्थी सुलझाने की कहानी बनाई थी। इससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और थाना का घेराव कर दिया। परिजनों ने पुलिस को आरोपी के घर की तलाशी सामने में लेने का दबाव बनाया था। पुलिस इंकार कर शव को गंगा नदी में तलाश करने की बात कह रही था। परिजनों ने जब थाने पर हंगामा बढ़ाना शुरू किया तो पुलिस आरोपी के घर पहुंची।
परिजनों के बताए गए स्थल की खुदाई कराई गई तो शव सामने आ गया। अब पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है। मेडिकल बोर्ड गठित कर शव की पोस्टमार्टम कराया गया है।