नोएडा । भारी कर्ज में दबे लोकसभा के संयुक्त निदेशक ने आत्महत्या कर ली। अधिकारी का शव रविवार को उनके घर में फंदे से लटका मिला। उनकी पत्नी घटना के वक्त घर पर नहीं थीं। लौटने के बाद उनकी सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस को घर से 10 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी और लगभग 70 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख है।
पुलिस के अनुसार, गौरव गौतम (40) केंद्रीय विहार-2 के पॉकेट-7 में परिवार के साथ रहते थे। रविवार शाम उनकी पत्नी दिल्ली गई थीं और घर पर कोई नहीं था। जब वह लौटीं तो गौरव का शव पंखे से लटका मिला। उनके रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उन्हें तत्काल सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच टीम ने कमरे से मिले सुसाइड नोट को सुरक्षित रख लिया है। पुलिस का कहना है कि नोट की हैंडराइटिंग और अन्य तथ्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि हो सके। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौरव गौतम लंबे समय से आर्थिक दबाव में थे।
कर्ज और मानसिक तनाव में उठाया आत्मघाती कदम
सुसाइड नोट में लिखा है कि कई कारणों से उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था और वह उसे चुकाने की स्थिति में नहीं थे। इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी मौत के लिए परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है।
एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा। पुलिस आर्थिक लेनदेन, कर्ज और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


