आजमगढ़ । उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक शख्स ने अपने घर पर चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों में उसकी पत्नी, बेटा और दो पुजारी शामिल हैं। घर में कैद आरोपी भी मुठभेड़ में मारा गया, जिससे कुल पांच मौतें हुईं। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि अरविंद नाम के आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। आरोपी ने अपने अन्य बच्चों को एक कमरे में बंद कर लिया था।
पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के लिए मनाने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान पुलिस ने उसके परिवार के सदस्यों की भी मदद ली। लेकिन आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार को गोली मारने की धमकी दी।
उसने बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच, उसने अपने ही बेटे को गोली मार दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी तुरंत कमरे में घुस गए। अंदर घुसते ही आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी को चेतावनी दी और हवा में भी गोली चलाई। इसके बावजूद, आरोपी लगातार फायरिंग करता रहा और आत्मसमर्पण नहीं किया। अपनी आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
बेटे की भी हुई मौत, पत्नी और पुजारियों की पहले ही की थी हत्या
इस घटना में आरोपी अरविंद और उसके बेटे दोनों की मौत हो गई। इससे पहले, उसने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की भी हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
यह था पूरा मामला
आजमगढ़ के अहरौला थाना इलाके के शंभूपुर गांव में मंगलवार की देर शाम दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के उद्देश्य से कराई जा रही पूजा से नाराज अरविंद सिंह ने राइफल से गोलियां बरसाकर अपनी पत्नी बबिता सिंह (40), दो पुजारियों महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी बच्चों और परिवार को एक कमरे में बंद करके करीब 8 घंटे तक बैठा रहा। पुलिस बाहर से दरवाजा खुलवाने की अपील करती रही। लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला।
आरोपी अरविंद सिंह हथियार लेकर अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर कमरे में ही कैद रहा। पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया। देर रात तक पुलिस आरोपी को बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटी रही। लेकिन आरोपी मानने के लिए तैयार नहीं हुआ।
आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार को गोली मारने और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच आरोपी ने अपने ही बेटे को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर पुलिस तुरंत कमरे में दाखिल हुई, जहां आरोपी ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
चेतावनी और हवा में चेतावनी के तौर पर गोली चलाने के बावजूद आरोपी पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करता रहा। नतीजतन, पुलिस ने आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने के बाद आरोपी अरविंद और उसके बेटे दोनों की मौत हो गई। कमरे के अंदर का मंजर बेहद गंभीर था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद के साथ उसके करीब 10 साल के बेटे की भी मौत हो गई है। वहीं, आरोपी के साथ कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों में एक बच्ची उसके हाथ से नीचे गिर गई थी।


