नई दिल्ली। पत्र में टी राजा सिंह ने लिखा है, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि करदाताओं के पैसे का एक भी रुपया उस तानाशाह के मकबरे के रखरखाव पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए, जिसने हमारे पूर्वजों को बहुत कष्ट पहुंचाया। सरकार को इस स्थल पर किसी भी तरह के और खर्च को तुरंत रोकने पर विचार करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और तेलंगाना की गोशामहल सीट से विधायक टी राजा सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में टी राजा सिंह ने मांग की है कि मुगल सम्राट औरंगजेब के मकबरे के रखरखाव पर हुए खर्च की विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही भाजपा विधायक ने औरंगजेब के मकबरे पर होने वाले खर्च को तत्काल रोकने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लिखे पत्र में भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले में स्थित औरंगजेब के मकबरे के रखरखाव पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आवंटित और खर्च की गई धनराशि के बारे में विस्तृत जानकारी देने की मांग की है।
करदाताओं के पैसे मकबरे पर खर्च करने का क्या औचित्य?
15 मार्च को यह पत्र लिखा गया है। पत्र में टी राजा सिंह ने लिखा कि जिसने हमारे मंदिरों को तोड़ा, हिंदू राजाओं की हत्याएं की और जो हमारी संस्कृति के दमन के लिए जिम्मेदार था, उसकी कब्र पर सरकारी पैसा खर्च करने का क्या औचित्य है? सिंह ने केंद्र सरकार से औरंगजेब की कब्र पर किसी भी तरह के और खर्च को तुरंत रोकने पर विचार करने की अपील की।
पत्र में टी राजा सिंह ने लिखा है, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि करदाताओं के पैसे का एक भी रुपया उस तानाशाह के मकबरे के रखरखाव पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए, जिसने हमारे पूर्वजों को बहुत कष्ट पहुंचाया। सरकार को इस स्थल पर किसी भी तरह के और खर्च को तुरंत रोकने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि इसका हमारी सांस्कृतिक विरासत और वीरता के इतिहास से कोई संबंध नहीं है।'
औरंगजेब को लेकर गरमाई हुई है सियासत
गौरतलब है कि इन दिनों देश में खासकर महाराष्ट्र में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई हुई है। बीते दिनों महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि सभी लोग चाहते हैं कि मुगल शासक औरंगजेब का मकबरा हटाया जाए, लेकिन इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत ही करना होगा। उन्होंने कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस स्थल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में रखा था, इसलिए इसे हटाने के लिए कानून के दायरे में रहकर काम करना जरूरी होगा।