बंगलूरू । कर्नाटक में बंगलूरू मेट्रो के किराए को लेकर सियासी और प्रशासनिक टकराव तेज होता जा रहा है। किराया बढ़ोतरी पर रोक के दावों के बीच अब जिम्मेदारी तय करने को लेकर केंद्र और राज्य आमने-सामने हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पूरे मामले में कर्नाटक सरकार का रुख साफ किया।
उन्होंने कहा कि बंगलूरू मेट्रो के किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोकने का फैसला राज्य सरकार ने खुद लिया है, इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र का इस मामले में न तो कोई अधिकार है और न ही दखल देने का कानूनी आधार।
कर्नाटक विधान सौधा में प्रेस वार्चा के दौरान शिवकुमार ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया पत्र कानूनी रूप से कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किराए से जुड़े आंकड़ों को दोबारा जांचा जाए और तब तक किराया बढ़ोतरी को रोका जाए।


