नई दिल्ली। अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन सख्त है। जून में अब तक 474 अवैध इमारतें जांच के घेरे में आई हैं, जिनको कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जबकि 334 संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है जबकि 302 संपत्तियों को सील किया जा चुका है।
मंगलवार को 25 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जबकि 10 संपत्तियों को सील किया गया। एमसीडी ने 1 जून से 23 जून तक अवैध निर्माण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। इस दौरान निगम ने 334 संपत्तियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं, 302 संपत्तियों को सील किया गया।
474 संपत्तियों को नोटिस, आगे भी चलेगा अभियान
एमसीडी ने कार्रवाई से पहले नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। जून में अब तक अवैध निर्माण को लेकर 474 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 220 संपत्तियों को सीलिंग नोटिस भी दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
187 संपत्तियां गिरना तय, जल्द चलेगा बुलडोजर
निगम ने केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस महीने अब तक 187 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ आदेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें 14 आदेश 23 जून को ही पारित किए गए। इन संपत्तियों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई की जाएगी।
रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों पर नजर
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में चलाया जा रहा है। इसमें रिहायशी क्षेत्रों में किए गए अनधिकृत निर्माण के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
मानसून से पहले सख्ती बढ़ाने की तैयारी
मानसून से पहले अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर प्रशासन की नजर बढ़ गई है। निगम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह का निर्माण शुरू करने से पहले नियमों और स्वीकृतियों की जांच कर लें। गलत तरीके से किए गए निर्माण पर कार्रवाई के साथ संपत्ति के नुकसान की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति की होगी।


