नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से जुड़े नोटिस मिलने पर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का अर्थ मतदाता का नाम काटना तय होना नहीं है। ईसीआईनेट में दर्ज जानकारी में विसंगतियों की जांच और जरूरी सुधार के लिए ये नोटिस दिए जा रहे हैं।
किसी पात्र मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और उचित लिखित आदेश के आधार पर नहीं हटाया जाएगा।
मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) तैनात किए जा रहे हैं। नए मतदाता के पंजीकरण या विवरण में संशोधन के लिए 30 सितंबर तक ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन फॉर्म-6 जमा किया जा सकेगा। नोटिस तथा दावे-आपत्तियों का निस्तारण 29 अक्तूबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
वंचित वर्गों के लिए रात में विशेष कैंप
चुनाव आयोग 23 और 24 सितंबर को शाम पांच से रात नौ बजे तक डूसिब के नाइट शेल्टरों में विशेष शिविर लगाएगा। यहां बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और अन्य को मतदाता सूची से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर भी विशेष कैंप आयोजित होंगे।
अब तक 5.98 लाख से अधिक आवेदन
आयोग के अनुसार, अब तक 3.04 लाख से अधिक फॉर्म-6 और 2.94 लाख से अधिक फॉर्म-8 प्राप्त हुए हैं। आम आदमी पार्टी के आरोपों के जवाब में आयोग ने सांसदों और विधायकों के मतदाता पंजीकरण पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 20 के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।


