नई दिल्ली । दिल्ली में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने का नियम बृहस्पतिवार से लागू हो गया। इसके बावजूद पहले दिन इसकी हकीकत कुछ और ही नजर आई। कई पेट्रोल पंपों पर लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे या तो खामोश नजर आए या वाहनों का पीयूसी स्टेटस ही नहीं बता सके।
जहां सिस्टम ने पीयूसी की स्थिति दिखाई, वहां भी बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन मिलता रहा।
दिल्ली के चार पेट्रोल पंपों पर की गई पड़ताल में सामने आया कि नियम तो लागू हो गया, लेकिन उसे धरातल पर लाने की व्यवस्था अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। कई वाहन चालक सामान्य दिनों की तरह पेट्रोल-डीजल भरवाकर निकलते दिखे। कुछ पंपों पर कर्मचारियों ने पीयूसी के बारे में पूछा जरूर, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन को ईंधन देने से रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आई।
कैमरा लगा, सिस्टम नहीं चला
स्थान: बाबा खड़क सिंह मार्ग
समय: 12 बजे
बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर एएनपीआर कैमरा लगा था। वाहन लगातार पंप में प्रवेश करते रहे और कर्मचारी सामान्य तरीके से ईंधन भरते रहे। कुछ चालकों से पीयूसी के बारे में पूछताछ भी की गई, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं होने पर उन्हें केवल इसे बनवाने की सलाह दी गई। ईंधन रोकने की कोई स्पष्ट प्रक्रिया दिखाई नहीं दी। वाहन चालक सूरज सिंह ने बताया कि उन्हें पीयूसी जरूरी होने की जानकारी है, लेकिन पेट्रोल लेने से पहले प्रमाणपत्र दिखाने को नहीं कहा गया।
बिना पीयूसी पेट्रोल, कैमरे रहे चुप
स्थान: शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के पास
समय: 1 बजे
शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित पेट्रोल पंप पर कुछ ऐसे वाहन भी पहुंचे जिनका पीयूसी समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद ईंधन भरने की प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रही। पंप कर्मचारियों ने बताया कि व्यवस्था नई है और उन्हें भी पूरी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देशों का इंतजार है। वाहन चालक सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें किसी कर्मचारी ने पीयूसी बनवाने के लिए नहीं कहा।
बिना पीयूसी पहुंचे वाहन, नहीं बजा अलर्ट
स्थान: जनपथ
समय: 2 बजे
जनपथ स्थित पेट्रोल पंप पर नियम को लेकर जागरूकता की कमी सामने आई। कई वाहन चालकों ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि बिना वैध पीयूसी के पेट्रोल-डीजल लेने पर रोक से जुड़ा नियम लागू हो चुका है। वे रोज की तरह पंप पर पहुंचे और ईंधन भरवाकर निकल गए। वाहन चालक सतीश शर्मा ने बताया कि यदि नियम लागू किया गया है तो लोगों को इसकी जानकारी भी व्यापक स्तर पर दी जानी चाहिए।
कैमरे ने दिया अलर्ट, फिर भी मिला पेट्रोल
स्थान: आरके पुरम
समय: 3 बजे
आरके पुरम स्थित पेट्रोल पंप पर एएनपीआर सिस्टम काम करता दिखाई दिया। कैमरे से वाहन की पीयूसी स्थिति सामने आने के बावजूद ईंधन भरने की प्रक्रिया नहीं रुकी। इससे सवाल खड़ा होता है कि जब सिस्टम पीयूसी की जानकारी दे रहा है, तो उसी आधार पर कार्रवाई कौन और कैसे करेगा? केवल कैमरा लगाने से नियम लागू नहीं होगा। कैमरे से मिली जानकारी को पंप कर्मचारी तक पहुंचाने और उसके आधार पर ईंधन रोकने की स्पष्ट व्यवस्था भी जरूरी है।
पंप संचालक बोले- निर्देश स्पष्ट हों
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वे वाहन चालकों को पीयूसी बनवाने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन बिना पीयूसी वाले वाहनों को ईंधन देने से रोकने की प्रक्रिया को लेकर उन्हें स्पष्ट दिशा-निर्देश चाहिए। पंप संचालक बृजेश ने बताया कि यदि सिस्टम में किसी वाहन का पीयूसी नहीं दिखता है, तो कर्मचारी को आगे क्या करना है, इसकी स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है। दूसरे पेट्रोल पंप संचालक जयंत ने कहा कि केवल एएनपीआर कैमरा लगा देने से व्यवस्था पूरी नहीं हो जाती। कैमरे से मिलने वाली जानकारी के आधार पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था भी होनी चाहिए।


