लखनऊ । पश्चिमी उप्र में आहिस्ता आहिस्ता सुलग रही मुद्दों की चिंगारी ने ऐसा असर दिखाया कि प्रदेश भर का परिदृश्य ही बदल गया। किसानों और युवाओं के मुद्दे, रोजगार पर नाराजगी के साथ जातिगत लामबंदी और भाजपाई उम्मीदवारों के विरोध ने ऐसा गणित रचा कि प्रदेश भर में भाजपा बैकफुट पर आ गई।


