लंदन। यूरोप ने इस साल अप्रत्याशित रूप से भीषण गर्मी का सामना किया और पूरे महाद्वीप से संकलित आंकड़ों के मुताबिक, तापमान में बेतहाशा वृद्धि से जुड़ी घटनाओं में सामान्य से कहीं अधिक करीब 10 हजार लोगों की जान गई है। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार, जून के अंत में इसमें तेजी से तब वृद्धि हुई जब यूरोप के कुछ हिस्सों में तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
जानकारों का कहना है कि पूरी स्थिति समझने में समय लगता है और गर्मी से होने वाली कई मौतों को आधिकारिक तौर पर उस तरह दर्ज नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए, भीषण गर्मी से दिल का दौरा पड़ सकता है, खासतौर पर उन लोगों को जो उम्रदराज हैं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। लेकिन उनकी मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत की वजह दिल का दौरा लिखा जा सकता है।
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक गर्मियों की शुरुआत चिंताजनक रही है। पिछले कुछ वर्षों में यूरोप में कई बार भीषण गर्मी पड़ी जिसकी वजह से हजारों लोगों की मौत हुई है।
जून के अंत में तेज तापमान ने यूरोप के कुछ हिस्सों में अपने सारे रिकॉर्ड तोड़े
भीषण गर्मी की आवृत्ति बढ़ी
जलवायु परिवर्तन की वजह से भीषण गर्मी की आवृत्ति बढ़ रही है। यूरोएमओएमओ के आंकड़े कहते हैं, 28 जून को खत्म हुए सप्ताह में करीब 14,260 अधिक मौते हुईं। इनमें से 12,000 से अधिक मौतें 65 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के लोगों की थीं। यह उस हफ्ते हुई कुल 84,583 मौतों में से था।
स्पेन में भीषण गर्मी से 937 मौतें
स्पेन में भीषण गर्मी से करीब 937 लोगों की मौत हुई। बेल्जियम ने कहा, 18 जून से 1 जुलाई तक भीषण गर्मी 1,747 ज्यादा मौतें हुईं। नीदरलैंड में भी इस साल भीषण गर्मी से करीब 480 लोगों की मौत हुई है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी सबसे गर्म रहे
जर्मनी ने इस साल जुलाई की शुरुआत तक गर्मी से 6,830 मौतों की बात कही। इनमें से 6,470 लोगों की उम्र 65 वर्ष या उससे अधिक थी। ब्रिटेन में मई-जून में इंग्लैंड-वेल्स में गर्मी से करीब 2700 लोग मरे। फ्रांस में 22-28 जून के बीच इससे पूर्ववर्ती सप्ताह के मुकाबले 2,000 अधिक मौतें दर्ज की गईं।


