अहमदाबाद । गत चैंपियन भारतीय टीम को टी20 विश्व कप 2026 में पहली हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका ने सुपर आठ चरण में भारत का विजयी अभियान रोका और उसके लिए सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारत की बल्लेबाजी काफी खराब रही और टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने यह मुकाबला 76 रनों से अपने नाम किया।
एक खिलाड़ी पर निर्भरता पड़ी भारी
भारतीय टीम के लिए एक खिलाड़ी पर निर्भरता रहना भारी पड़ा है। भारत ने ग्रुप चरण में लगभग हर मैच में एक बल्लेबाज के दम पर ही जीत दर्ज की है। यही उसी कमजोर कड़ी साबित हो रही थी और सुपर आठ के पहले मैच में टीम इंडिया की बल्लेबाजी की कलई खुल गई। भारत की बल्लेबाजी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इतनी खराब रही कि शिवम दुबे को छोड़कर अन्य कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
टी20 विश्व कप में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार
भारत ने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में पहला मैच गंवाया है। किसी भी प्रारूप में भारत की आईसीसी टूर्नामेंट में 18 मैचों बाद यह पहली हार है। वहीं, 2024 टी20 विश्व कप से लेकर अब तक इस टूर्नामेंट में भारत ने लगातार 12 मैच जीते थे, लेकिन अब यह सिलसिला टूट गया है। इतना ही नहीं, टी20 विश्व कप में रनों के लिहाज से भारत की यह सबसे बड़ी हार है। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम की रनों के लिहाज से यह दूसरी बड़ी हार है। इससे पहले न्यूजीलैंड ने भारत को 2019 में 80 रनों से हराया था।
क्या रहे भारत की हार के कारण?
इस मैच में भारत की हार का सबसे बड़ा कारण उसकी खराब बल्लेबाजी रही।
सलामी जोड़ी का लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को बड़ी शुरुआत नहीं दिला सके जिससे दबाव बढ़ा।
भारत ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद टीम के लिए वापसी करना मुश्किल होता चल गया।
भारत के लिए इस टूर्नामेंट में मध्य क्रम अपनी भूमिका अच्छी तरह नहीं निभा सका है और इस मैच में भी यही देखने मिला।
भारत के लिए एक खिलाड़ी पर निर्भरता भी भारी पड़ी है।
चार बल्लेबाज नहीं खोल सके खाता
भारत की बल्लेबाजी इस मैच में इतनी खराब रही कि उसके चार बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। ईशान किशन, रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह का खाता नहीं खुला। वहीं, तिलक वर्मा (1) और अर्शदीप सिंह (1) दहाई अंक के आंकड़े पर नहीं पहुंचे। भारत के लिए सबसे ज्यादा रन शिवम दुबे ने बनाए जो 37 गेंदों पर एक चौका और तीन छक्कों की मदद से 42 रन बनाकर आउट हुए। इनके अलावा कप्तान सूर्यकुमार यादव 18, हार्दिक पांड्या 18 और वॉशिंगटन सुंदर 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से मार्को यानसेन ने चार विकेट लिए, जबकि केशव महाराज को तीन, कॉर्बिन बॉश को दो और एडेन मार्करम को एक विकेट मिला।
ब्रेविस-मिलर की साझेदारी ने पलटा खेल
इससे पहले मार्करम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम ने 20 रन तक ही तीन विकेट गंवा दिए। बुमराह ने दूसरे ओवर में सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (06) को बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलाई, जबकि अर्शदीप सिंह ने अगले ओवर में मार्करम (04) को मिडऑफ पर हार्दिक के हाथों कैच कराया। रेयान रिकेल्टन (07) ने अर्शदीप पर छक्का जड़ा, लेकिन अगले ओवर में बुमराह की गेंद को मिड ऑफ पर शिवम दुबे के हाथों में खेल गए। मिलर और ब्रेविस ने इसके बाद पारी को संवारा। दोनों बल्लेबाज शुरुआत से ही अच्छी लय में नजर आए और चौथे विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी कर डाली।
दक्षिण अफ्रीका के रनों का शतक 12वें ओवर में पूरा हुआ। ब्रेविस ने अगले ओवर में दुबे पर अपना तीसरा छक्का जड़ा लेकिन अगली गेंद को हवा में लहराकर डीप मिडविकेट पर अभिषेक के हाथों लपके गए। ब्रेविस ने 29 गेंदों पर तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। मिलर ने दुबे के इसी ओवर में छक्के के साथ 26 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। स्टब्स ने भी वरुण पर छक्का मारा लेकिन मिलर ने लॉन्ग ऑफ पर तिलक वर्मा को कैच थमा दिया। मिलर 35 गेंदों पर सात चौकों और तीन छक्कों के सहारे 63 रन बनाकर आउट हुए। स्टब्स ने हालांकि, अंतिम ओवर में हार्दिक पर एक चौके और दो छक्के के साथ टीम का स्कोर 190 रन के करीब पहुंचाया। भारत के लिए बुमराह ने तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप को दो विकेट और वरुण चक्रवर्ती तथा शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली।


