लखनऊ । महाकुंभ-2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में ईओडब्ल्यू ने मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी को छह अक्तूबर को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वरसोवा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। वह घटना के बाद से फरार चल रहा था।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, वादिनी पुनीत सिक्का, निदेशक मैसर्स आईक्यू ने डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए दो जनवरी 2025 को मैसर्स आईएनके पिक्चर्स और एमकोड वेंचर्स एलएलपी के साथ अनुबंध किया था। परियोजना के लिए जीएसटी समेत 5.60 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित बिल, फर्जी अनुबंध और भ्रामक दस्तावेजों के जरिये रकम का दुरुपयोग किया और डॉक्यूमेंट्री भी तैयार नहीं की।
जांच में परियोजना में कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर करीब 75 लाख रुपये के फर्जी हस्तलिखित बिल लगाकर भुगतान लेने की बात सामने आई। काम पूरा नहीं करने की धमकी देकर करीब 20 लाख रुपये की जबरन वसूली और शूटिंग व स्टूडियो किराये के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगने के आरोप भी हैं।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक छह आरोपियों पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, धमकी और 50 टीबी से अधिक फुटेज चोरी कर सात करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


