फरीदाबाद । ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 की जिस खंडहर इमारत में 24 अगस्त को 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके 16 वर्षीय दोस्त के साथ कुकर्म की वारदात हुई थी, वहां आरोपी पहले से सक्रिय थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुनसान और अधूरी पड़ी इमारतों का फायदा उठाकर आरोपी यहां आने वाले लोगों को धमकाकर लूटपाट और रुपये वसूलते थे।
कई प्रेमी जोड़ों को भी ब्लैकमेल करने की बात सामने आई है। बदनामी के डर से पीड़ितों ने शिकायत नहीं की। पुलिस अब ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिन्हें आरोपियों ने पहले निशाना बनाया था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी नीमका निवासी कुणाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका नाबालिग साथी फरार है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से किशोरी और उसके दोस्त की बनाई वीडियो बरामद हुई है। आरोप है कि वारदात के बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किशोर पर दबाव बनाया गया और उससे 10 हजार रुपये मंगवाए गए। पुलिस वीडियो और रुपये के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
सिक्योरिटी गार्ड था कुणाल, दीपक की चाय की टपरी बनी ठिकाना
पुलिस के अनुसार कुणाल ग्रेटर फरीदाबाद की कुछ खंडहर पड़ी इमारतों में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इससे उसे इमारतों और आसपास के सुनसान रास्तों की पूरी जानकारी थी। वहीं दीपक खंडहर के पास चाय की टपरी लगाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी यहां बैठकर आसपास आने-जाने वालों पर नजर रखते थे। कुणाल और दीपक के साथ यश और एक अन्य युवक के भी वारदात में शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इनके अन्य साथियों और पुरानी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वारदात से तीन दिन पहले भी तीन हजार रुपये वसूले
पुलिस जांच में सामने आया है कि 24 अगस्त की वारदात से करीब तीन दिन पहले आरोपी खंडहर इमारत में गांजा पीने पहुंचे एक व्यक्ति को भी धमका चुके थे। आरोप है कि दबाव बनाकर उससे ऑनलाइन तीन हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने ऐसे अन्य लोगों को भी निशाना बनाया होगा, जिन्होंने डर या बदनामी के कारण शिकायत नहीं की।
10 हजार के यूपीआई लेनदेन से पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपियों ने किशोर को धमकाकर 10 हजार रुपये मांगे थे। किशोर ने डरकर अपने पिता को फोन किया। पिता ने उसके खाते में रुपये भेजे, जिसके बाद किशोर ने ये रुपये कुणाल के यूपीआई खाते में ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने लेनदेन की जांच कर कुणाल की पहचान और मोबाइल नंबर हासिल किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर यश व दीपक को पकड़ा गया।
12 साल से अधूरी पड़ी हैं आठ से अधिक इमारतें
सेक्टर-78 में मुख्य मार्ग से करीब 400 मीटर अंदर आठ से अधिक बहुमंजिला इमारतें अधूरी पड़ी हैं। इनमें 12 से 17 मंजिल तक की इमारतें हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 12 साल से निर्माण बंद है। देखरेख के अभाव में आसपास घनी झाड़ियां उग गई हैं। शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है। आबादी से दूर होने के कारण सुनसान रास्तों पर लोगों की आवाजाही भी कम रहती है।
स्ट्रीट लाइट और गश्त की कमी पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बिजली के पोल हैं, लेकिन पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है। शाम के बाद खंडहर इमारतों और आसपास के रास्तों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। बीपीटीपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास पुलिस गश्त की जाती है। स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए एचएसवीपी और नगर निगम को पत्र लिखने की कार्रवाई की जा रही है।
फरार आरोपी की तलाश में दबिश
फरार आरोपी की तलाश में बीपीटीपी थाना पुलिस और अपराध शाखा की टीमें दिल्ली-एनसीआर में दबिश दे रही हैं। रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले कितने लोगों को निशाना बनाया था।
महिला आयोग कर रहा निगरानी
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन ऊषा प्रियदर्शनी ने बताया कि आयोग मामले की निगरानी कर रहा है। उनके अनुसार तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने अगले सप्ताह फरीदाबाद आकर पीड़ित बच्ची से मुलाकात करने की बात कही है।


