दिल्ली नगर निगम (MCD) के वार्ड 17 के अंतर्गत आने वाले मेट्रो अपार्टमेंट के निवासी इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपार्टमेंट की दुर्दशा किसी झुग्गी-झोपड़ी (क्लस्टर) से भी बदतर हो चुकी है।
लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
सड़कों पर सीवर का पानी और ठेकेदारों की लापरवाहीअपार्टमेंट की अंदरूनी और मुख्य सड़कों पर सीवर का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है, जिससे पूरे इलाके में भयंकर बदबू और बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। रही-सही कसर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के ठेकेदारों ने पूरी कर दी है। निवासियों का कहना है कि जल बोर्ड के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण सड़कों को विकास कार्य के नाम पर खोदा तो गया, लेकिन उन्हें बिना मरम्मत किए बीच में ही लावारिस छोड़ दिया गया।
स्थानीय निवासियों ने स्थानीय संजसेवी संस्थाओं, दिल्ली सरकार, एमसीडी के उच्च अधिकारियों और जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पर तुरंत संज्ञान लेने और भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। निवासियों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही सड़कों को ठीक नहीं किया गया और सीवर की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


