नई दिल्ली । दिल्ली मेट्रो के साकेत स्टेशन पर एक महिला यात्री की बिना अनुमति तस्वीरें खींचने के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सख्त कदम उठाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीआईएसएफ ने आरोपी सहायक उपनिरीक्षक (एएसाई) ए.के. सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
सीआईएसएफ का बयान
वायरल वीडियो में महिला, सीआईएसएफ जवान पर अपने मोबाइल से चोरी-छिपे तस्वीरें खींचने का सीधा आरोप लगाती हुई नजर आ रही है। इस गंभीर आरोप का संज्ञान लेते हुए सीआईएसएफ दिल्ली मेट्रो ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बल ने कहा कि एक मेट्रो ट्रेन में महिला यात्री के प्रति सीआईएसएफ कर्मी द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। विभाग ने इसे उच्चतम स्तर पर बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी कर्मी को निलंबित कर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और निष्कर्षों के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित महिला दिल्ली से बाहर
मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने भी हरकत में आते हुए शिकायतकर्ता रत्ना प्रिया से संपर्क साधा। पुलिस के अनुसार, रत्ना प्रिया ने बताया कि घटना के समय वह जुगेष राठौड़ के साथ थीं, तभी एएसआई ने उनकी तस्वीरें खींचीं। हालांकि, जब पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई के लिए संपर्क किया, तो महिला ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं।
महिला ने कानूनी कार्रवाई से किया इनकार
बाद में शिकायतकर्ता ने व्हाट्सएप के जरिए पुलिस को अपना लिखित बयान भेजा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती हैं। पीड़िता के इनकार के बाद पुलिस अपनी तरफ से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं कर रही है। हालांकि, पुलिस वायरल वीडियो और शिकायतकर्ता के बयान से जुड़े सभी तथ्य सीआईएसएफ के साथ साझा कर रही है, ताकि सुरक्षा बल अपने स्तर पर जांच पूरी कर आरोपी जवान के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई तय कर सके।


