नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में शनिवार रात आशा किरण अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल से गिरकर चार साल की एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की शिनाख्त वंशिका दास (4) के रूप में हुई है। हादसे के समय मासूम अपने घर पर अकेली थी। उसकी मां रूपा पड़ोसी के घर किसी काम से गई थी।
बेटी को देख बदहवास हुई मां
रूपा वापस लौटी तो बेटी को न पाकर वह बुरी तरह डर गई। परेशान रूपा ने फ्लैट की बालकनी से नीचे झांका तो उसके होश उड़ गए। नीचे भीड़ जुटी थी। तुरंत वह भागी-भागी इमारत से नीचे पहुंची। वहां पहुंचते ही रूपा बदहवास हो गई। उसकी बेटी खून से लथपथ एक ई-रिक्शा पर पड़ी थी। फौरन पड़ोसियों के साथ वह उसे लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंची।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बाद में क्राइम टीम व एफएसएल को बुलाया गया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। बाद में पुलिस ने मासूम का शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा। गोविंदपुरी थाना पुलिस इस संबंध में मामले की जांच कर रही है।
पिता बेचते हैं मछली
पुलिस के मुताबिक मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली मासूम वंशिका अपने परिवार के साथ फ्लैट नंबर-1052, ए-ब्लॉक, आशा किरण अपार्टमेंट की दसवीं मंजिल पर रहती थी। इसके परिवार में पिता मिथुन दास, मां रूपा, 13 साल का एक भाई व सात माह की एक बहन है। मिथुन गोविंदपुरी मार्केट में मछली बेचने का काम करते है।
हादसे के वक्त घर का मंजर
शनिवार रात को मिथुन अपने काम पर थे। वंशिका का भाई भी बाहर खेलने गया हुआ था। घर में रूपा के अलावा वंशिका व सात माह की बेटी थी। इस बीच रूपा खाना बनाने में लग गईं। छोटी बेटी रोने लगी तो रूपा ने उसे खेलने के लिए पड़ोसन के यहां छोड़ दिया। इस दौरान वंशिका भी अपने बिस्तर पर लेटकर सो गई।
ऐसे गिरी होगी वंशिका
खाना बनाने के बाद रूपा अपने सात माह की बेटी को पड़ोसन के यहां से लेने चली गईं। वापस लौटी को बिस्तर पर वंशिका नहीं थी। गर्मी की वजह से बालकनी का दरवाजा खुला हुआ था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि नींद खुलने के बाद वंशिका बालकनी के पास गई और बालकनी से नीचे झांकने के चक्कर में वह हादसे का शिकार हो गई।


