फ्लोरिडा । नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस मिशन का मानव दल सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर अब चंद्रमा की ओर अग्रसर हो चुका है। यह कदम मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
नासा के अनुसार, ओरियन अंतरिक्ष यान ने एक अहम ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के तहत यान के मुख्य इंजन को लगभग छह मिनट तक चलाया गया, जिससे यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बाहर निकलकर चंद्रमा की ओर निर्धारित कक्षा में प्रवेश कर गया। इस दौरान करीब 6,000 पाउंड का थ्रस्ट उत्पन्न हुआ, जिसने यान को सटीक दिशा में आगे बढ़ाया।
पांच मिनट से ज्यादा चला ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न
मिशन प्रबंधन टीम ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए सर्वसम्मति से 'गो' सिग्नल दिया था। यह बर्न कुल 5 मिनट 49 सेकंड तक चला। इसके सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही अंतरिक्ष यात्री 1972 के अपोलो 17 के बाद पहली बार चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने के लिए आधिकारिक रूप से रवाना हो गए हैं।
नासा बोला- अमेरिका के लिए निर्णायक पल
नासा के प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और आर्टेमिस-2 का दल अब चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसे एजेंसी के लिए एक निर्णायक क्षण बताते हुए कहा कि अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा भेजने के मिशन में सक्रिय हो गया है।
आर्टेमिस-2 मिशन में ये चार अंतरित्र यात्री शामिल
इस मिशन में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन के साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। अंतरिक्ष में अपने पहले पूर्ण दिन के दौरान दल ने नियमित गतिविधियों के तहत इंजन बर्न की तैयारी और माइक्रोग्रैविटी में फिटनेस बनाए रखने के लिए व्यायाम सत्र पूरे किए।
मिशन कंट्रोल ने दिन की शुरुआत ग्रीन लाइट गीत बजाकर की, जिससे महत्वपूर्ण ऑपरेशनों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया गया। ओरियन यान का सर्विस मॉड्यूल इंजन, जो उच्च थ्रस्ट देने में सक्षम है, ने चंद्रमा की दिशा में सटीक गति प्रदान की।


