नई दिल्ली । कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को राजधानी की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। देश का सबसे अति विशिष्ट प्रशासनिक इलाके नई दिल्ली में भी सड़कें पानी में डूब गईं। वहीं दूसरी ओर एमसीडी क्षेत्र के दर्जनों इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने और जलनिकासी ठप होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हालात ऐसे रहे कि वीवीआईपी इलाकों से लेकर बाहरी दिल्ली तक बारिश के आगे सरकारी दावे बहते नजर आए।
लगातार आईं जलभराव और पेड़ गिरने की शिकायतें
एनडीएमसी के नियंत्रण कक्ष में मंगलवार को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की कुल 38 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 19 जलभराव, छह पेड़ गिरने और 13 स्थानों पर बिजली गुल होने की शिकायतें शामिल थीं। उधर, एमसीडी के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में दोपहर दो बजे से शाम छह बजे के बीच 35 से अधिक जलभराव और पेड़ गिरने की शिकायतें दर्ज की गईं। दोनों एजेंसियों के आंकड़े मिलाकर देखा जाए तो राजधानी में कुछ ही घंटों के भीतर 70 से अधिक शिकायतें सामने आईं।
पोश इलाके भी डूबे
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित प्रशासनिक क्षेत्र नई दिल्ली में भी बारिश ने व्यवस्था की परीक्षा ले ली। गोल मार्केट, शाहजहां रोड, कृष्णा मेनन मार्ग, जनपथ, कनॉट प्लेस, लोधी कॉलोनी, सरोजिनी नगर, कस्तूरबा गांधी मार्ग, केजी मार्ग, साउथ एवेन्यू, बंगाली मार्केट, आईएनए और गोल्फ लिंक सहित कई प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लगीं। बारिश के दौरान जनपथ, तीन मूर्ति लेन, गोल मार्केट, भगवान दास रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग और भारत विकास पथ के आसपास पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
इन इलाकों में दिखा व्यापक असर
उधर एमसीडी क्षेत्र में भी बारिश का असर व्यापक रहा। रोहिणी, नरेला, पश्चिम, करोल बाग, शाहदरा दक्षिण, दक्षिण, सिटी एसपी और केशवपुरम जोन से सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। केशवपुरम जोन के पश्चिम विहार में रोड नंबर-77 और ओखला फेज-2 में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा सदर बाजार, लक्ष्मी नगर, चावला, मायापुरी, रानी बाग, वसंत कुंज, द्वारका सेक्टर-12 और 13, सफदरजंग एन्क्लेव, शास्त्री नगर, भगीरथी विहार, लाजपत नगर, दरीयागंज, विकासपुरी, नारायणा विहार, मोहन गार्डन, तिलक नगर और रोहिणी के कई सेक्टरों में जलभराव की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
तालाब जैसी नजर आईं सड़कें
बारिश के कारण नई दिल्ली समेत अनेक इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। वाहन रेंगते रहे, दोपहिया चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हुई और कई स्थानों पर लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। उधर, एनडीएमसी और एमसीडी ने दावा किया कि शिकायत मिलते ही राहत टीमें मौके पर भेज दी गईं। जलनिकासी के लिए पंप लगाए गए, नालों की सफाई कर पानी निकाला गया और गिरे हुए पेड़ों को हटाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया गया।
सरकार की तैयारियों पर खड़े हुए सवाल
हालांकि, हर मानसून की तरह इस बार भी कुछ घंटों की तेज बारिश ने राजधानी की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्री-मानसून नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था मजबूत करने और जलभराव मुक्त दिल्ली के दावों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया और देश का सबसे वीवीआईपी इलाका भी पानी में डूब गया।


