नई दिल्ली। पहली अप्रैल से मांग के अनुसार हर सप्ताह बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और इस महीने के अंत तक करीब 2,000 नई ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी। इनमें 12 मीटर और 9 मीटर लंबाई की बसें शामिल हैं।
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को बसें उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि इस साल दिल्ली की सड़कों से चरणबद्ध तरीके से डीटीसी और क्लस्टर की करीब 5000 बसें हट जाएंगी। साथ ही, मार्च के अंत तक करीब 2000 बसे हटेंगी।
उन्होंने कहा कि राजधानी में बसों की कमी नहीं होगी। पहली अप्रैल से मांग के अनुसार हर सप्ताह बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और इस महीने के अंत तक करीब 2,000 नई ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी। इनमें 12 मीटर और 9 मीटर लंबाई की बसें शामिल हैं। यह बसें मेक इन इंडिया के तहत निर्मित हैं। कुछ तकनीकी कमियों को दूर करने के बाद बसें संचालन के लिए तैयार हैं। महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा जारी रहेगी। हम दिल्ली को जाम मुक्त करने के लिए अग्रसर हैं, जहां अभी बसों की पहुंच नहीं है, वहां सुविधा मिलेगी। पिछली सरकार ने अपनी गलतियों से डीटीसी को नुकसान पहुंचाया। हम भ्रष्टाचार मुक्त बस सेवा देंगे। भ्रष्टाचार खत्म कर डीटीसी को फायदे में पहुंचाएंगे।
मोहल्ला बसों को लेकर फंसा पेच
आप सरकार के दौरान मोहल्ला बसों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। इस योजना के तहत 2000 छोटी बसें आनी हैं। आप सरकार का दावा था कि इन बसों को ऐसी जगहों पर चलाया जाएगा जहां डीटीसी और क्लस्टर बसों की सेवा नहीं ली जा सकती, लेकिन इन बसों के संचालन में अभी पेच फंसा हुआ है। परिवहन मंत्री ने बताया कि मोहल्ला बसों का ट्रायल चल रहा था। बस प्रदाता कंपनियों ने टेंडर क्लॉज के अनुसार, बहुत सी शर्तें पूरी नहीं कीं, इसलिए छह महीने तक के लिए दस फीसदी भुगतान रोकने का फैसला लिया गया है। अगर फिर भी वे उन शर्तों को पूरा नहीं करेंगे तो उन पर कार्रवाई होगी।