नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर बच्ची के पिता पर अपनी पत्नी को जला कर मारने का आरोप था। 27 साल पुराने केस में ट्रायल कोर्ट ने हत्या का दोषी ठहराया था। बचाव पक्ष की तरफ से पेश किए गए दो अन्य गवाहों ने भी बच्ची के बयान को दोहराया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में सात साल की बच्ची की गवाही को आधार बनाते हुए बच्ची के पिता को दोषमुक्त करार दिया। बच्ची के पिता पर अपनी पत्नी को जला कर मारने का आरोप था। करीब 27 साल पुराने मामले में युवक को ट्रायल कोर्ट द्वारा हत्या का दोषी पाया गया था। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की अदालत ने पाया कि बच्ची के बयान दर्ज कराते समय उसकी उम्र सात वर्ष थी और वह सच और झूठ में फर्क करना जान रही थी। ऐसे में उसके बयान पर भरोसा किया जा सकता है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुशील कुमार उर्फ राजू की अनीता रानी से वर्ष 1991 में शादी हुई थी। वर्ष 1998 में अनीता रानी को अधजली हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के चार दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई। हालांकि घटना के 48 दिन बाद अनीता की मौत हो गई। सुशील को पत्नी को जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2002 में सुशील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ट्रायल कोर्ट के आदेश के 23 साल बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया और सुशील कुमार को दोषमुक्त करार दिया है।
अदालत ने कहा कि घटनास्थल एक बेहद घनी आबादी के बीच है। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने एक भी गवाह पेश नहीं किया है। इसके अलावा घटना के बयानों में भी विरोधाभास है। महिला के बयान के आधार पर भी वह खुद ही चलकर अस्पताल पहुंची है और पीछे के दरवाजे से भाग जाने की जानकारी गलत पाई गई क्योंकि घटना स्थल पर कोई भी पीछे का दरवाजा मौजूद ही नहीं था।
2001 में बेटी ने दर्ज कराए थे बयान
वर्ष 2001 में सुशील कुमार की बेटी शिल्पा ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे। इस दौरान मजिस्ट्रेट ने बच्ची से पूछा कि क्या सच बोलना अच्छा है या बुरा। इसके जवाब में शिल्पा ने कहा कि सच बोलना अच्छा है, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने लिखा कि वह बच्ची के जवाबों से संतुष्ट हैं और बिना किसी शपथ के उसका बयान दर्ज करा रहे हैं। शिल्पा ने बताया कि उसकी मम्मी ने खुद के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर पड़ोसी की आंटी को बुलाने के लिए भेजा। जब वह लौट कर आई तो मम्मी ने आग लगा ली थी। पड़ोसी आंटी ने आग बुझाई और मम्मी कहीं चली गईं। हम किराए पर रहते हैं। पापा के घर पर न रहने पर घटना हुई।
पड़ोसियों ने भी मासूम के बयान को दोहराया
बचाव पक्ष की तरफ से पेश किए गए दो अन्य गवाहों ने भी शिल्पा के बयान को दोहराया। हरबीर सिंह और मोहिंदर सिंह ने दोहराया कि शिल्पा ने उन्हें बताया कि उसकी मम्मी ने आग लगा ली है। हरबीर सिंह ने बताया कि उसने महिला को अस्पताल ले जाने और परिवार को बुलाने के लिए भी कहा लेकिन महिला ने इन्कार कर दिया। वहीं रमेश चंद्र नाम के सब्जीवाले ने भी इस बात की तस्दीक की कि सुशील उसके साथ सब्जी मंडी में था, जिस समय उसे पत्नी के आग लगाने की सूचना मिली।