अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए आय सीमा बढ़ाकर छह लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी है। सरकार की ओर से शनिवार को इसकी जानकारी दी गई।
गुजरात सरकार ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए आय सीमा बढ़ाकर छह लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी है। सरकार की ओर से शनिवार को इसकी जानकारी दी गई।
इस योजना के तहत, राज्य सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों को मुफ्त एडमिशन की सुविधा देती है। सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, "पहले आरटीई प्रवेश के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आय सीमा 1.20 लाख रुपये प्रति वर्ष और शहरी क्षेत्रों में 1.50 लाख रुपये थी, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अभिभावकों के लिए आय सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने का फैसला किया है।"
आय स्लैब में बदलाव के साथ, एक जून को छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले कमजोर और वंचित समूहों के पात्र बच्चों के प्रवेश के लिए आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की तिथि 16 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई है। बयान कहा गया है, "एक जून 2025 को छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र बच्चों के अभिभावक 15 अप्रैल 2025 तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, अन्य श्रेणियों के आवेदक और जो पहले आवेदन नहीं कर सके थे, साथ ही ऐसे आवेदक जिनके आवेदन इस वर्ष जिला स्तर पर पूर्व में निर्धारित आय से अधिक (लेकिन छह लाख रुपये से कम) आय के कारण खारिज हो गए थे, वे भी दोबारा ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।" शिक्षा मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने बताया कि जिला स्तर पर आय सीमा व अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की प्रक्रिया 16 अप्रैल तक पूरी करनी होगी।