गॉल । ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को गॉल में पहले टेस्ट के दूसरे दिन छह विकेट पर 654 रन पर पहली पारी घोषित करके एशिया में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। इसके बाद श्रीलंका की टीम दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 44 रन बना चुकी थी। इतना स्कोर बनाते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सबसे ज्यादा बार 600+ रन का स्कोर बनाने के मामले में भारत पर बढ़त ले ली है।
ऑस्ट्रेलिया ने किसी टेस्ट पारी में 35वीं बार 600 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया है। वहीं, भारत 33 बार के साथ इस सूची में दूसरे नंबर पर है।
भारत दूसरे और इंग्लैंड तीसरे स्थान पर
ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 35 मैचों में पारी में 600+ का स्कोर बनाया है। इससे पहले जब जब उन्होंने 600 से ज्यादा का स्कोर बनाया है, वे वह मैच कभी नहीं हारे हैं। पिछले 34 में से 28 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की है, जबकि छह ड्रॉ रहे हैं। ऐसे में गॉल टेस्ट में भी ऑस्ट्रेलिया का दावा मजबूत लग रहा है। वहीं, भारत ने 33 टेस्ट में 600 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया। भारत ने भी किसी पारी में 600+ का स्कोर बनाने के बाद वह मैच नहीं गंवाया है। भारत ने 33 में से 18 टेस्ट जीते हैं, जबकि 15 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। हालांकि, यह गौर की जाने वाली बात है कि भारत ने पिछली बार 600+ का स्कोर साल 2019 में बनाया था। इंग्लैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। उसने 22 टेस्ट में 600+ का स्कोर बनाया है। इसमें से 12 मैचों में इंग्लिश टीम को जीत मिली, जबकि 10 टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुए।
अफगानिस्तान और बांग्लादेश सबसे नीचे
वेस्टइंडीज ने 20 टेस्ट में तो श्रीलंका ने 16 टेस्ट में 600 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया। पाकिस्तान 15 बार ऐसा कर चुका है। इस लिस्ट में सबसे नीचे अफगानिस्तान और बांग्लादेश की टीमें हैं। इन दोनों ने एक-एक बार ऐसा किया है। कुल मिलाकर अभी तक जिन भी टीमों ने किसी टेस्ट की किसी पारी में 600+ का स्कोर बनाया है। वह टीम कभी नहीं हारी है। या तो उन टीमों ने जीत हासिल की, या फिर वह टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
टेस्ट में सबसे ज्यादा 600+ का स्कोर बनाने वाली टीमें
टीम कितने टेस्ट में जीते हारे ड्रॉ
ऑस्ट्रेलिया 35* 28 0 6
भारत 33 18 0 15
इंग्लैंड 22 12 0 10
वेस्टइंडीज 20 9 0 11
श्रीलंका 16 9 0 7
पाकिस्तान 15 4 0 11
द. अफ्रीका 14 12 0 2
न्यूजीलैंड 11 4 0 7
अफगानिस्तान 1 0 0 1
बांग्लादेश 1 0 0 1
गॉल टेस्ट में अब तक क्या हुआ?
अपनी पहली पारी में श्रीलंका के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। ओशादा फर्नांडो सात रन पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे, जिन्हें मैथ्यू कुहनेमैन ने एल्बीडब्ल्यू आउट किया। पूर्व कप्तान दिमुथ करुणारत्ने और एंजेलो मैथ्यूज भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। दोनों ही ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन फील्डिंग का शिकार हुए। करुणारत्ने सात रन पर मिचेल स्टार्क की गेंद पर गली में शानदार कैच पर आउट हुए और मैथ्यूज सात रन पर आउट हुए। नाथन लियोन की ऑफ स्पिन पर ट्रेविस हेड ने मैथ्यूज का कैच लपका। दिनेश चांदीमल और कामिंडु मेंडिस कुछ चुनौतीपूर्ण क्षणों का सामना करते हुए स्टंप तक डटे रहे। श्रीलंका की टीम खराब होती पिच पर अभी 610 रन से पीछे है और नाजुक स्थिति में है।
ख्वाजा ने बेहतरीन दोहरा शतक जड़ा
ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार सुबह दो विकेट पर 330 रन से आगे खेलना शुरू किया जिसमें सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और कार्यवाहक कप्तान स्टीव स्मिथ शतक जड़कर क्रीज पर थे। पहले दिन 10,000 टेस्ट रन पूरे करने वाले स्मिथ ने 251 गेंद पर 141 रन की शानदार पारी खेली। ख्वाजा के साथ उनकी 266 रनों की साझेदारी दोनों टीमों के बीच टेस्ट मैच में तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। उन्होंने कैंडी में 2004 में एडम गिलक्रिस्ट और डेमियन मार्टिन के बीच 200 रन की पिछली सर्वश्रेष्ठ साझेदारी को पीछे छोड़ दिया।
इंगलिस का डेब्यू टेस्ट में तूफानी शतक
स्मिथ को वेंडरसे द्वारा एल्बीडब्ल्यू आउट किए जाने के बाद ख्वाजा ने शानदार तरीके से स्ट्राइक रोटेट की और ढीली गेंदों को सीमारेखा के पार पहुंचाया। ख्वाजा ने फिर अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया और जोश इंगलिस डेब्यू मैच में शतक बनाने वाले 21वें ऑस्ट्रेलियाई बन गए। ख्वाजा की आठ घंटे से अधिक की 352 गेंद में खेली गई 232 रन की पारी ऐतिहासिक थी। वह श्रीलंका में दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। श्रीलंका के खिलाफ यह ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर है। 38 साल की उम्र में वह डॉन ब्रैडमैन के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। ख्वाजा बाएं हाथ के गेंदबाज प्रभात जयसूर्या की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।
धवन के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूके इंगलिस
इंगलिस (102 रन) ने भी तेजी से खेलते हुए अपना शतक जड़ने में ज्यादा समय नहीं लिया। उन्होंने महज 90 गेंद में शतक जड़ा जिससे वह पुरुष क्रिकेटरों में भारत के शिखर धवन के बाद डेब्यू में सबसे तेज 100 रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। धवन ने 2013 में महज 85 गेंद में सैकड़ा बनाया था। इंगलिस ने चौथे विकेट के लिए 146 रन की भागीदारी से ऑस्ट्रेलिया का दबदबा मजबूत किया।