नई दिल्ली। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल को टैरिफ बढ़ोतरी के बाद अपनी लोकप्रियता में गिरावट का सामना करना पड़ा हैं। कंपनी ने दिसंबर में 0.322 मिलियन सब्सक्राइबर गंवाए। यह संख्या नवंबर के मुकाबले 20,000 कम है
, जब बीएसएनएल ने 0.34 मिलियन ग्राहकों को खोया था। बीएसएनएल के कुल ग्राहक भी 10 करोड़ से नीचे पहुंच गए हैं।
कुछ दिनों पहले खबर सामने आई थी कि लंबे वक्त के बाद बीएसएनएल को न केवल मुनाफा हुआ, बल्कि निजी टेलीकॉम कंपनियों को छोड़ यूजर्स सरकारी टेलीकॉम कंपनी से भी जुड़े है, लेकिन अब बीएसएनएल के सब्सक्राइबर्स कम होने की बात सामने आई है।
भारत की टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी के ताजा डेटा से जानकारी मिलती है। ट्राई ने दिसंबर 2024 के लिए सब्सक्राइबर डेटा जारी किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों ने कितने नए सब्सक्राइबर जोड़े और कितने खोए, साथ ही 31 दिसंबर 2024 तक इन कंपनियों के कुल सब्सक्राइबर कितने थे। इसमें सामने आया कि तरह बीएसएनएल को 3 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर का नुकसान हुआ है।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल को टैरिफ बढ़ोतरी के बाद अपनी लोकप्रियता में गिरावट का सामना करना पड़ा हैं। कंपनी ने दिसंबर में 0.322 मिलियन सब्सक्राइबर गंवाए। यह संख्या नवंबर के मुकाबले 20,000 कम है, जब बीएसएनएल ने 0.34 मिलियन ग्राहकों को खोया था। बीएसएनएल के कुल ग्राहक भी 10 करोड़ से नीचे पहुंच गए हैं। सरकारी कंपनी के पास 9 करोड़ 17 लाख 29 हजार 737 सब्सक्राइबर हैं। नवंबर 2024 के मुकाबले उसे 3 लाख 22 हजार 72 सब्सक्राइबर का नुकसान हुआ है। बता दें कि प्राइवेट कंपनियों के रिचार्ज महंगे होने के बाद एक बार ग्राहकों ने बीएसएनएल के साथ जुड़ना शुरू किया था, लेकिन अब वापस पुराना ट्रेंड लौट आया है। लोग अब वापस प्राइवेट कंपनियों की तरफ जाना शुरू हो गए हैं।
इसके अलावा टेलीकॉम कंपनी वोडा-आइडिया के कुल सब्सक्राइबर्स में से 17 लाख से ज्यादा ने भी उसका साथ छोड़ दिया यानी अपने मोबाइल नंबर पर वीआई की सर्विस खत्म कर दी। इसमें सबसे फायदे में जियो और एयरटेल टेलीकॉम कंपनियां रही। जियो ने 39 लाख से ज्यादा नए सब्सक्राइबर्स जोड़े है। जबकि एयरटेल को भी 10 लाख सब्सक्राइबर्स का मुनाफा हुआ है।
ट्राई के डेटा से पता चलता है कि भारत में वायरलेस सब्सक्राइबर्स की संख्या जो नवंबर 2024 में 114 करोड़ से ज्यादा थी, दिसंबर 2024 में बढ़कर 115 करोड़ से ज्यादा हो गई। यानी इतनी संख्या में सब्सक्राइबर्स के पास वोडा-आइडिया, बीएसएनएल, एयरटेल, जियो या अन्य टेलिकॉम ऑपरेटर के सिम एक्टिव हैं। उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी पर लोग अब भी भरोसा कर रहे हैं। दिसंबर 2024 में 1.3 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर ने एमएनपी की रिक्वेस्ट भेजी। यह साफ बताता है कि लोग एक टेलिकॉम ऑपरेटर से दूसरे टेलिकॉम ऑपरेटर पर स्विच कर रहे हैं।
ट्राई की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि देश में शहरी टेलीकॉम यूजर्स की संख्या बढ़ रही है और ग्रामीण यूजर्स की संख्या में गिरावट आ रही है। दिसंबर में शहरी कस्टमर्स नवंबर के 65.99 करोड़ से बढ़कर 66.34 करोड़ हो गए, वहीं ग्रामीण कस्टमर्स कम हुए हैं। गांवों में नवंबर में 52.73 करोड़ कस्टमर्स थे, जो दिसंबर में घटकर 52.66 करोड़ रह गए। वहीं, देश में टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या बढ़कर 118.99 करोड़ हो गई है। नवंबर में यह संख्या 118.72 करोड़ थी और दिसंबर में इसमें मामूली इजाफा देखा गया है।