नई दिल्ली। कृष्ण भक्त बाजारों में उनके साज-सज्जा, पोशाक, आभूषण, मुरली और श्रृंगार समेत अन्य सामानों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के लोग लड्डू गोपाल के इन खास पोशाकों की मांग अधिक कर रहे हैं।
ब्रज की होली दुनियाभर में मशहूर है। इस बार राजधानी में भी कान्हा अपने भक्तों के संग मथुरा में बनी रंग-बिरंगी पोशाक में होली खेलेंगे। बाजारों में लड्डू गोपाल के लिए कुछ अलग और खास तरह की पोशाकें आई हुई हैं। इन पोशाक में किसी में हैप्पी होली लिखा है तो किसी में रंगों से मोर के पंख बनाए हुए है। इसकी वजह से होली पर लड्डू गोपाल का रूप अलग ही निखरकर आएगा। सबसे खास बात ये है कि इन पोशाक को केवल होली पर ही लड्डू गोपाल पहनेंगे। हरी, नीली, पीली, गुलाबी, सफेद समेत अन्य रंग-बिरंगी पोशाकों में लड्डू गोपाल ऐसे लग रहे है, मानो अभी खिलखिला उठेंगे। ऐसे में कान्हा जी की होली पर आई ये विशेष पोशाक लोगों को खूब भा रही हैं।
होली से पहले ही मौजूदा समय में कृष्ण भक्त बाजारों में उनके साज-सज्जा, पोशाक, आभूषण, मुरली और श्रृंगार समेत अन्य सामानों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के लोग लड्डू गोपाल के इन खास पोशाकों की मांग अधिक कर रहे हैं। होलसेल से लेकर रिटेल मार्केट में कान्हा जी की सुंदर पोशाकें सभी को आकर्षित कर रही है। पोशाक निर्माताओं ने नए डिजाइन बाजारों में उतार दिए है। चांदनी चौक के किनारी बाजार में 40 साल से अधिक समय से दुकान चला रहे पंकज ने बताया कि बाजारों में होली से पहले लड्डू गोपाल की पोशाकों की बिक्री शुरू हो गई है। ऐसे में घरों में लड्डू गोपाल को रखने और पूजने वाले श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। इसमें कान्हा जी के बाल स्वरूप का बड़ा ध्यान रखा जाता है।
ये भक्त लड्डू गोपाल के संग होली खेलते हैं और उनके लिए पोशाक भी खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 से 200 रुपये तक की सुंदर पोशाकें हैं। इस पर रेशम और जरी का काम होता है। वहीं, कॉटन की पोशाक 10 से 50 रुपये में मिल जाती है। बाजार में 1 से 10 नंबर के साइज उपलब्ध है, जिनमें मीडियम साइज 4-5 नंबर ज्यादा बिकता है।
विशेष होली थाल की मांग अधिक
चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी में प्यारेलाल अमीरचंद जैन शॉप के दुकानदार संदीप ने बताया कि लड्डू गोपाल की पोशाक और होली के विशेष थाल का निर्माण दिल्ली और मथुरा में हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैसे तो कान्हा जी की पोशाक 12 महीने बिकती हैं, लेकिन होली, दिवाली, रक्षा बंधन, स्वतंत्रता-गणतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर पोशाक के डिजाइन त्योहार के हिसाब से तैयार किए जाते हैं। ये पोशाक मथुरा के कारीगर तैयार करते हैं। मार्केट की मांग के हिसाब से उत्पादन किया जाता है। इसी तरह गुलाल, बाल्टी, पिचकारी दिल्ली की फैक्ट्रियों में बनती है।
फूलों की होली खेलेंगे दिल्लीवासी
इस बार होली पर दिल्लीवासी फूलों की होली खेलेंगे। तिलक नगर में फूलों के कारोबारी रितेश ने बताया कि होली के अवसर पर श्रद्धालु लड्डू गोपाल के साथ फूलों की होली भी खेलते है। इसी दौरान भक्तजन आपस में भी एक दूसरे को फूलों की खुशबू में नहलाते है।