तिरुवनंतपुरम। केरल में सरकार बनाने के लिए भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी है। निवर्तमान अध्यक्ष के सुरेंद्रन का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए अध्यक्ष का चुनाव किया गया।
पार्टी ने सर्वसम्मति ने चंद्रशेखर के नाम की घोषणा की। भाजपा ने केरल में अपनी जमीन मजबूत करने और जीत का परचम लहराने के लिए पार्टी की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को सौंपी है। भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक प्रहलाद जोशी ने पार्टी राज्य परिषद की बैठक के दौरान राजीव चंद्रशेखर को केरल का भाजपा अध्यक्ष घोषित किया। चंद्रशेखर के पास दो दशक से ज्यादा समय का अनुभव है। वह आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कौशल विकास और उद्यमिता, जलशक्ति विभाग के मंत्री रह चुके हैं। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति के बाद से भाजपा के केरल में बड़ा फायदा मिलेगा। केरल भाजपा अध्यक्ष पद के लिए राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यालय में दो सेट में नामांकन दाखिल किया। केंद्रीय पर्यवेक्षक ने निवर्तमान अध्यक्ष के सुरेंद्रन और राज्य प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर की मौजूदगी में उनकी नियुक्ति की घोषणा की। सुरेंद्रन ने मंच पर चंद्रशेखर को पार्टी का झंडा सौंपा।
निवर्तमान अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि पिछले 10 सालों में केरल में भाजपा ने अभूतपूर्व विकास किया है। चंद्रशेखर को पार्टी के सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से चुना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका अनुभव और विशेषज्ञता राज्य में भाजपा के विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर एक सामान्य राजनीतिज्ञ नहीं हैं। वे अपनी नई भूमिका में चमक सकते हैं।
थरूर से चुनाव हार गए थे चंद्रशेखर
60 वर्षीय चंद्रशेखर दो दशकों का राजनीतिक अनुभव है। वे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, कौशल विकास और उद्यमिता तथा जल शक्ति विभागों के केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। चंद्रशेखर तीन बार कर्नाटक से राज्यसभा सांसद रहे। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं। मौजूदा समय में वे एनडीए की केरल इकाई के उपाध्यक्ष हैं।
एनडीए उम्मीदवार के तौर पर चंद्रशेखर ने 2024 में तिरुवनंतपुरम से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस नेता शशि थरूर से 16,077 मतों से हार गए थे। चंद्रशेखर का जन्म अहमदाबाद में केरल के दंपती के यहां हुआ। दंपती मूल रूप से त्रिशूर के रहने वाले थे। बीपीएल समूह के संस्थापक टीपीजी नांबियार उनके ससुर हैं।