नई दिल्ली। फर्जी वोटिंग के चलते हंगामा शुरू हो गया और कुछ अधिवक्ताओं ने मतदान केंद्र के अंदर घुसकर मतपेटी तोड़ दी और मतपत्र भी फाड़ दिए जिसके बाद मतदान को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
शाम में राउज एवेन्यू कोर्ट में भी अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ जिससे मतदान को कुछ देर के लिए रोक दिया गया था।
दिल्ली में शुक्रवार को सभी सात जिला अदालतों और दिल्ली हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन चुनावों का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अधिवक्ताओं ने उत्साह से मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि इस दौरान दो जिला अदालतों में फर्जी वोटिंग को लेकर अधिवक्ताओं ने बवाल काटा और कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा बार एसोसिएशन व साकेत बार एसोसिएशन के चुनाव निरस्त कर दिए गए।
ऐसा पहली बार है जब दिल्ली में सभी अदालतों में एक ही दिन बार एसोसिएशन के चुनाव कराए गए। दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा जिन निचली अदालतों के बार एसोसिएशन का चुनाव होना है, उनमें कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा बार एसोसिएशन, तीस हजारी कोर्ट के दिल्ली बार एसोसिएशन, पटियाला हाउस कोर्ट के नई दिल्ली बार एसोसिएशन, राउज एवेन्यू कोर्ट के सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन, साकेत कोर्ट के साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन, द्वारका कोर्ट के द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन और रोहिणी कोर्ट के रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन शामिल हैं।
मतपेटी तोड़ी, मतपत्र भी फाड़े
कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा बार एसोसिएशन के इलेक्शन कमिश्नर प्रमोद नागर ने बताया कि फर्जी वोटिंग के चलते अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद बार एसोसिएशन के मतदान को रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी मूक दर्शक की भूमिका निभाई, जिससे इस प्रकार की अव्यवस्था फैल गई। वहीं, साकेत कोर्ट में भी अधिवक्ताओं ने बताया कि चुनाव बैलेट पेपर से कराया जा रहा था।
इस दौरान फर्जी वोटिंग के चलते हंगामा शुरू हो गया और कुछ अधिवक्ताओं ने मतदान केंद्र के अंदर घुसकर मतपेटी तोड़ दी और मतपत्र भी फाड़ दिए जिसके बाद मतदान को रद्द करने का निर्णय लिया गया। शाम में राउज एवेन्यू कोर्ट में भी अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ, जिससे मतदान को कुछ देर के लिए रोक दिया गया था। हालांकि बाद में मतदान शाम सात बजे तक संपन्न कराया गया। मतदान के कुछ देर बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
वकील बोले- प्रशासन की लापरवाही
बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर वकीलों ने कहा कि अव्यवस्था के चलते उम्मीदवारों की मेहनत, समय और पैसे सब बेकार हो गया। इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन ही जिम्मेदार है। वोटिंग ही देर ही शुरू की गई, जो कि बीच में उम्मीदवारों को बिना बताए रोकी भी गई। इसके बाद ही चुनाव रद्द कर दिया गया। फिलहाल ऐसा लग रहा है कि तीन-चार दिन कुछ नहीं होने वाला है।
चार बार एसोसिएशन की मतगणना शुरू
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, रोहिणी बार एसोसिएशन, द्वारका बार एसोसिएशन, पटियाला हाउस कोर्ट के नई दिल्ली बार एसोसिएशन, राउज एवेन्यू कोर्ट के सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन और तीस हजारी कोर्ट के दिल्ली बार एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हो गए हैं। रोहिणी, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू और द्वारका कोर्ट में मतगणना भी शुक्रवार देर शाम से ही शुरू कर दी गई। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और तीस हजारी कोर्ट के दिल्ली बार एसोसिएशन की मतगणना शनिवार को होगी।
महिलाओं की उन्नति को संतुलित करने की दिशा में एक कदम
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में मताधिकार करने पहुंचीं अधिवक्ता जूही अरोड़ा ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटों का एक निश्चित प्रतिशत आरक्षित करने से दिल्ली बार चुनावों के नेतृत्व में अधिक लैंगिक विविधता को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा। इसे लैंगिक असंतुलन को दूर करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए जो अक्सर कानूनी संघों और कानूनी पेशे में मौजूद होता है। बता दें कि इस बार बार एसोसिएशन में तीन पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।