नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए एक नई स्क्रैपेज पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। इस पॉलिसी के तहत, 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन अब राजधानी की सड़कों पर नहीं चल सकेंगे।
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए एक नई स्क्रैपेज पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। इस पॉलिसी के तहत, 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन अब राजधानी की सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। इतना ही नहीं, 1 अप्रैल 2024 से ऐसे वाहनों को दिल्ली के पेट्रोल पंपों से ईंधन भी नहीं मिलेगा।
पहले से लगा हुआ है इन वाहनों पर प्रतिबंध
इससे पहले, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में इन पुराने वाहनों के चलने पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अब सरकार ने इसे और सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
कैसे होगी वाहन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया?
जो वाहन इस पॉलिसी के दायरे में आते हैं, उनके मालिकों को अपनी गाड़ी को स्क्रैपिंग सेंटर पर ले जाना होगा। सरकार ने एक आधिकारिक लिस्ट दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जारी कर दी है। जहां से वाहन मालिक किसी भी मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर को चुन सकते हैं।
वाहन मालिक स्क्रैपिंग सेंटर से संपर्क कर सकते हैं और स्क्रैपिंग प्रक्रिया के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
कुछ स्क्रैपिंग सेंटर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी देते हैं, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग सेंटर जाने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ रखने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी की कॉपी
कैसे तय होगी स्क्रैप की कीमत?
जब वाहन स्क्रैपिंग सेंटर पहुंचेगा, तो उसका मूल्य उसके वजन और अन्य फैक्टर्स के आधार पर तय किया जाएगा। इसके बाद, वाहन मालिक को एक स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। नए वाहन खरीदने पर मिलेगा फायदा यह स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट नए वाहन खरीदते समय छूट दिलाने में मदद करेगा। आमतौर पर, राज्य सरकारें प्राइवेट वाहनों पर रोड टैक्स में 25 प्रतिशत तक की छूट देती हैं, जिससे नया वाहन खरीदना सस्ता हो सकता है।
ईंधन भराने पर भी सख्ती, हाई-टेक कैमरे लगाए जाने की मांग इसके अलावा दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में ऐसे वाहनों का पता लगाने के लिए ईंधन भरने वाले स्टेशनों पर एडवांस्ड कैमरे लगाए जाने चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिंघानिया ने कहा, "दिल्ली से सटे इलाकों के लोग पेट्रोल या डीजल भरवाकर दिल्ली में यात्रा कर सकते हैं। लोग पुरानी गाड़ियों में सीएनजी किट लगवा लेते हैं। दिल्ली में करीब 200 सीएनजी पंप हैं। उन पर भी ऐसे कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि इस नियम का सख्ती से पालन हो सके।"