नई दिल्ली। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से प्रारंभ होगी। वहीं 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के साथ इसका समापन होगा। राजधानी दिल्ली में मंदिरों से लेकर घरों तक नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दिल्ली के बाजारों में चमकते मुकुट और सूरत की चुनरियों के साथ नवरात्रि की रौनक दिखने लगी है।
मंदिरों से लेकर घरों तक नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजधानी के सदर बाजार, चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, कनॉट प्लेस, राजेंद्र नगर, लक्ष्मी नगर, मायापुरी, साकेत और शाहदरा जैसे प्रमुख बाजारों की दुकानों पर सजी देवी प्रतिमाएं और साज-सज्जा के सामान लोगों का मन मोह रहे हैं। इसके अलावा, सिंदूर, बताशा, लौंग, इलायची, पान, फूल माला कलश, चुन्नी समेत पूजा सामग्री समेत कई चीजों की मांग बढ़ी है।
नवरात्रि पर भक्तजन देवी मां की आराधना में जुटे हैं। लेकिन इस बार पूजा के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना भी देखने को मिली है। बाजारों में इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग बढ़ी है। बीते कुछ वर्षों से मिट्टी, गोबर, और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी गई है। प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों की जगह अब जल में आसानी से घुलने वाली और जैविक सामग्री से बनी प्रतिमाएं भक्तों की पहली पसंद बनी हैं।
सदर बाजार के एक मूर्तिकार रामप्रसाद शर्मा ने बताया, इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग लगभग 40 फीसदी तक बढ़ गई है। लोग मिट्टी और हल्के रंगों से बनी प्रतिमाएं ज्यादा खरीद रहे हैं, ताकि विसर्जन से पानी को नुकसान नहीं पहुंचे।
ऑनलाइन बाजारों में दिखा जबरदस्त उछाल
ऑनलाइन बाजारों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। श्रद्धालु माता रानी के स्वागत के लिए पारंपरिक वस्त्र, आभूषण, पूजन सामग्री और गरबा-डांडिया के परिधानों की जमकर खरीदारी की है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट व मिंत्रा पर ट्रेडिशनल साड़ियों, चूड़ियों, दुपट्टों और मूर्तियों की मांग बढ़ी है। खासतौर पर रेड और येलो कलर के परिधान ज्यादा पसंद किए जा रहे है। ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा और आकर्षक डिस्काउंट के कारण लोग बाजारों की भीड़ से बचते हुए घर बैठे खरीदारी कर रहे हैं। श्रद्धालु पूरी भक्ति और उल्लास के साथ माता रानी के आगमन की तैयारियों में जुटे हैं।
इस साल नवरात्रि पर बिक्री शानदार हो रही है। खासकर चुनरियां, देवी के मुकुट और सजावट का सामान बहुत ज्यादा बिक रहा है। लोग घरों और पंडालों को भव्य रूप देने के लिए बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं। -राजेश गुप्ता, सदर बाजार व्यापारी
यहां हर साल नवरात्रि पर अच्छी बिक्री होती है, लेकिन इस बार इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। लोग अब मिट्टी और पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनी मूर्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। -मनीष अग्रवाल, चांदनी चौक
नवरात्रि के लिए खास परिधान और आभूषण खरीदने आई हूं। गरबा और डांडिया के लिए इस बार बाजार में बहुत अच्छे ऑप्शन उपलब्ध हैं। -नीलम वर्मा, ग्राहक
नवरात्रि पर पूजा सामग्री की कीमत
पूजा की सामग्री कीमत
सिंदूर 10-20
बताशा 80-100
लौंग 10-20
सुपारी 10-20
फूल माला 10-20
कलश 80-100
चुन्नी 20-50
दीपक 20-30 दर्जन